दूसरी शादी और मां से अत्याचार बना 4 परिजनों की हत्या का कारण, जानें पूर्व नेता रामसिंह चौधरी की मौत का सच
News In Short
- अजमेर के श्रीरामपुरा में कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की हत्या बेटे ने की।
- आरोपी ने पिता, सौतेली मां, दादी और बहन का गला काटकर उन्हें कार में डालकर जला दिया।
- हत्या के पीछे पिता के मां से किए जा रहे अत्याचार को मुख्य कारण माना जा रहा है।
- पुलिस ने नाबालिग बेटे को गिरफ्तार कर सभी एंगलों से जांच शुरू कर दी है।
News In Detail
राजस्थान के अजमेर में स्कॉर्पियों के भीतर मिली कांगेस नेता और पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी समेत चार की मौत के मामले में नई परते खुल रही हैं। नाबालिग बेटे ने अपनी मां से मारपीट का बदला लेने के लिए पिता सहित 4 लोगो की हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने पिता को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान लिया था। लंबे समय से उनके खिलाफ हत्या की योजना बना रहा था।
पहले कई असफल प्रयासों के बाद आरोपी ने ऑनलाइन चाकू मंगवाकर पिता, सौतेली मां, दादी और रिश्ते की बहन का गला काट दिया। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है। हत्या में बेटे का उसकी मां और बहन ने भी साथ दिया। हत्या के बाद चारों को कार में डालकर आग के हवाले कर दिया गया।
परिवारिक कलह बनी वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे ने बताया कि उसके पिता शराब के नशे में उसकी मां, बहन और उससे मारपीट किया करते थे। बेटे का कहना था कि पिता उसकी मां को मुर्गा बना कर पीटता था। उसे घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी इस कारन उसे अपने पिता से नफरत हो गई थी।
कैसे हुआ विवाद शुरू
रामसिंह चौधरी ने 2005 में अपनी पहली शादी सुनीता से की थी। इससे उन्हें एक बेटी (19) और एक बेटा (17) हुआ। 2019 में उन्होंने किसी मामले में पूर्व सरपंच को जेल जाना पड़ा।
उस समय उनका केस वकील सुरज्ञान देवी लड़ रही थी। केस के सिलसिले में मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। पूर्व सरपंच ने सुरज्ञान देवी से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह के बाद परिवार में विवाद शुरू हो गया और बेटा पिता से नफरत करने लगा।
आरोपी ने अपनी मां को भी बताया कि पिता के व्यवहार और घर के दबाव के कारण वह लगातार परेशान था। उसने कहा, मैं कभी भी इसे (पिता) जान से मार दूंगा। यह नाराजगी और हिंसक सोच अंततः हत्या की मुख्य वजह बनी।
हत्या की रात क्या हुआ था हत्या की रात
हत्या की रात पिता शराब पीकर सो गए थे। नाबालिग बेटे ने ऑनलाइन मंगवाए चाकू से पिता का गला काटा। लेकिन पास में सो रही सौतेली मां ने यह देख लिया था जिससे उसे भी मरना पड़ा।
दादी और रिश्ते की बहन महिमा (32) घटना के दौरान आ गईं। बेटा अपनी मां और बहन के साथ मिलकर सभी का गला काटकर हत्या कर दी।
इसके बाद घर के ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया। इसके बाद स्कॉर्पियो के पीछे चारों को डालकर घर से 500 मीटर दूर ले गया। वहां स्कॉर्पियो पर डीजल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
इस आग में पिता, सौतेली मां, दादी और रिश्ते की बहन को जिंदा जला दिया। घटना के बाद बेटे ने घर में साफ-सफाई कर हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश की।
पुलिस जांच और शक के कारण
SP हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने तुरंत जांच टीम बनाई।
शुरुआत में आरोपी बेटे और परिवार ने हत्या को एक हादसे के रूप में पेश किया। लेकिन पुलिस की सख्ती और तकनीकी जांच के कारण नाबालिग ने वारदात स्वीकार की।
पहले भी किए थे प्रयास
आरोपी बेटे ने यह भी बताया कि इससे पहले उसने पिता को जहर देने और माइंस में धक्का देकर मारने की कोशिश की थी।पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की मां 17 साल पहले सरपंच रही थीं। रामसिंह खुद बोराड़ा से छह महीने के लिए सरपंच बने थे। सेक्रेटरी से मारपीट के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा और निलंबित कर दिया गया। जेल में रहते हुए ही उनकी मुलाकात दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी से हुई थी।
परिवार और रिश्तेदारों की स्थिति
रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता से दो बच्चे हैं। दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी वर्तमान में वकील और जिला परिषद सदस्य हैं। महिमा, पूसी देवी की बहन की बेटी, अविवाहित थी और परिवार के साथ रहती थी।
पुलिस के अनुसार, हत्या में परिवार के भीतर के तनाव और पिता के विवादित व्यवहार ने बड़े स्तर पर हत्याकांड को जन्म दिया।
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