सरकारी अस्पताल में सुरक्षा पर सवाल, युवक पर ब्लेड से जानलेवा हमला, जानें पूरी खबर

Ashish Bhardwaj | Mar 29, 2026, 11:42 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में अलवर के सरकारी अस्पताल में एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। इस घटना ने अस्प्ताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। घटना के बाद आरोपी अस्प्ताल से हुआ गायब

News In Short

  • अलवर के सरकारी अस्पताल में मरीज का गला रेतने की कोशिश।
  • मरीज इलाज कराने के लिए अस्पताल में आया हुआ था।
  • घटना के बाद आरोपी अस्प्ताल से हुआ गायब।
  • घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
  • मरीजों के परिजनों ने सुरक्षा पर सवाल खडे़ कर दिये।

​News In Detail

सुनील जैन@अलवर



राजस्थान में अलवर के सबसे बड़े हॉस्पिटल राजकीय राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में बड़ी घटना सामने आई है। अस्पताल परिसर के भीतर एक अज्ञात हमलावर ने एक युवक का गला रेतने की कोशिश की। इस ब्लेड अटैक ने न केवल अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।



​पर्ची की लाइन और खूनी संघर्ष

बताया जाता है कि आशुतोष शर्मा अपनी तबीयत खराब होने पर अस्पताल पहुंचा था। वह अपने भाई के साथ आया था। जब उसका भाई ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए कतार में लगा था, तब आशुतोष थकान और अस्वस्थता के कारण पास ही पार्क में बैठ गया।



तभी वहां एक अज्ञात युवक पहुंचा और बिना किसी कारण वहां मौजूद लोगों को भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा। जब आशुतोष ने कारण पूछा तो आरोपी तैश में आ गया। उसने अचानक अपनी जेब से सर्जिकल ब्लेड जैसी कोई नुकीली वस्तु निकाली और सीधे आशुतोष के गले पर वार कर दिया।



​अस्पताल में मची भगदड़

​हमला इतना घातक था कि आशुतोष संभल भी नहीं पाया। वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के गले से खून की धार बहते देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया।



घायल को तुरंत आपातकालीन वार्ड ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने आनन-फानन में उसके गले पर कई टांके लगाकर रक्तस्राव को रोका। गनीमत रही कि वार थोड़ा और गहरा होता तो जान बचाना मुश्किल हो जाता।



​सुरक्षा पर उठे सवाल

​राजकीय राजीव गांधी सामान्य अस्पताल अलवर जिला मुख्यालय का सबसे व्यस्त अस्पताल है, जहां 24 घंटे पुलिस चौकी और निजी सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद सरेआम जानलेवा हमला कर आसानी से फरार हो जाना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। मरीजों के परिजनों ने कहा कि अस्पताल इलाज की जगह है, खौफ की नहीं। अगर पार्क में बैठा व्यक्ति भी सुरक्षित नहीं है, तो वार्डों के अंदर की स्थिति क्या होगी?



सीसीटीवी से आरोपी की तलाश

घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी से जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और घायल आशुतोष के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल पुलिस अस्पताल परिसर और निकास द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके। प्राथमिक जांच में यह मामला अचानक उपजे विवाद का लग रहा है, लेकिन पुलिस रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।



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