मैदान को हरा-भरा करने 4 लाख की घास लगाई, खा गईं आवारा गायें, अब दोबारा होगा नया टेंडर

Ashish Bhardwaj | Mar 24, 2026, 12:22 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के अलवर में घास लगाने के काम में भ्रष्टाचार हो गया। नगर निगम ने समसा के ग्राउंड को हरा—भरा करने के लिए घास लगाई गई। डेढ महीने बाद अधिाकारी कह रहे हैं कि घास को तो गायें चर गईं।

News In Short

  • अलवर के समसा ऑफिस के ग्राउंड पर घास लगाने चार लाख का टेंडर।
  • ग्राउंड पर घास लगाने का ठेका दिया, अब बोले रहे-घास चर गईं गायें।
  • अधिकारियों का तर्क, काऊ कैचर की व्यवस्था नहीं, इसलिए गाय खा गईं घास।
  • अलवर नगर निगम अब दोबारा टेंडर निकालने की कर रहा तैयारी।
  • अधिकारियों ने कहा, ठेकेदार को नहीं किया पेमेंट, दोबारा लगवाएंगे घास।

News In Detail

Alwar: राजस्थान के अलवर में नगर निगम की कार्यप्रणाली फिर विवादों में है। शहर एसएमडी स्कूल में समसा (SAMSA) ऑफिस के ग्राउंड को हरा-भरा बनाने की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। हालत यह है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई घास मटियामेट हो गई। निगम अधिकारियों का तर्क है कि घास को आवारा गायें चर गईं। अब गलती सुधारने के लिए घास के लिए काऊ कैचर (गौ-अवरोधक) के टेंडर जारी करने की तैयारी है।



​क्या है पूरा मामला?

नगर निगम ने जनवरी 2025 में एनकैप फंड के तहत समसा ऑफिस के ग्राउंड के सौंदर्यीकरण और विकास का जिम्मा उठाया था। इस परियोजना के लिए कुल 19.88 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसमें मुख्य रूप से ग्राउंड में घास लगाना और सीसी रोड का निर्माण शामिल था। नियम के मुताबिक इस कार्य को दो महीने के भीतर पूरा किया जाना था।



​बिना प्लानिंग के हुआ काम

हैरानी की बात यह है कि निगम ने ग्राउंड में घास लगाने का काम तो करीब डेढ़ महीने पहले ही शुरू कर दिया। अधिकारियों ने इसके लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजामों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। ​ग्राउंड के चारों ओर सफाई नहीं कराई गई। ​ऑफिस के दोनों मुख्य गेट खुले छोड़ दिए गए।



जैसे ही घास उगनी शुरू हुई। आवारा गायों के झुंड ने वहां डेरा डाल दिया और करीब 4 लाख रुपये की लागत से लगाई गई घास को खाकर मैदान साफ कर दिया। अब वहां हरियाली के नाम पर केवल मिट्टी और मवेशी ही नजर आ रहे हैं।



​स्कूल का विरोध

यह पूरा प्रोजेक्ट विवादों के घेरे में भी रहा है। समसा ऑफिस जिस जमीन पर बना है, वह असल में एसएमडी स्कूल की संपत्ति है। नगर निगम ने बिना स्कूल प्रशासन की अनुमति लिए ही इस जमीन पर विकास कार्य का टेंडर जारी कर दिया था। इसका स्कूल प्रबंधन ने कड़ा विरोध किया।



यही नहीं, कलेक्टर के हस्तक्षेप के बावजूद निगम ने अभी तक यहां सीसी रोड का निर्माण शुरू नहीं किया है। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने अनुमति दे दी थी, लेकिन निगम के एईएन दिनेश कुमार के अनुसार स्कूल के पिछले विरोध पत्र के कारण काम रुका हुआ है।



​अब नए सिरे से खर्च होगा पैसा

पिछली गलतियों को छिपाने के लिए अब निगम प्रशासन घास के मेंटिनेंस (रखरखाव) का नया टेंडर जारी करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि घास लगाने वाले ठेकेदार को अभी तक बिल का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए उसी ठेकेदार से दोबारा घास लगवाई जाएगी। लेकिन भविष्य में मवेशियों को रोकने और घास को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा गार्ड या मेंटिनेंस एजेंसी का अलग टेंडर किया जाएगा।



जनता के पैसे की बर्बादी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ग्राउंड की घेराबंदी या गेट सुरक्षित नहीं थे तो लाखों की घास लगाने की जल्दबाजी क्यों की गई? पहले सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी और फिर सौंदर्यीकरण। अब एक ही काम को दोबारा करने और सुरक्षा के नाम पर अतिरिक्त टेंडर निकालने से सार्वजनिक धन की ही बर्बादी हो रही है।



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