महाराष्ट्र से दबोचा गया राजस्थान का फरार तस्कर, ANTF ने ऐसे चलाया अभियान

Jageshwar prasad | Sept 14, 2026, 17:46 IST
महाराष्ट्र में दबोचा गया दो साल से फरार इनामी तस्कर
राजस्थान ANTF (Anti Narcotics Task Force) ने ऑपरेशन माहुरंगून के तहत महाराष्ट्र के नंदुरबार से दो साल से फरार 25 हजार के इनामी तस्कर ब्रह्मालाल को गिरफ्तार किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महाराष्ट्र में दबोचा गया दो साल से फरार इनामी तस्कर।
  • ऑपरेशन के तहत गिट्टी खरीदार बनकर पहुंची ANTF टीम।
  • मोबाइल बंद कर पुलिस से बचता रहा था आरोपी।
  • पढ़ाई में मन नहीं लगा तो बना तस्करी का रास्ता।
  • दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई, झारखंड के बाद महाराष्ट्र।

राजस्थान के मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल, यानी एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साल से फरार इनामी तस्कर ब्रह्मालाल को गिरफ्तार किया है।



यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र राज्य से हुई है। पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण ने ब्रह्मालाल पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। यह कार्रवाई ऑपरेशन माहुरंगून के तहत की गई है।



दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई

ANTF महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार के अनुसार एक दिन पहले ही उत्तर-पूर्वी भारत के झारखंड से एक फरार इनामी अपराधी दबोचा गया था। इसके अगले ही दिन पश्चिम भारत के महाराष्ट्र राज्य से एक और फरार इनामी अपराधी पकड़ा गया।



उनके अनुसार महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और एडीजी दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में यह कार्रवाइयां लगातार जारी हैं।



कौन है गिरफ्तार आरोपी?

गिरफ्तार आरोपी ब्रह्मालाल गंगाराम का पुत्र है और उसकी उम्र 50 साल है। वह भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र के बराना गांव का निवासी है।



पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था, जिसे ANTF ने ऑपरेशन माहुरंगून चलाकर महाराष्ट्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।



पढ़ाई से दूरी और तस्करी की शुरुआत

आईजीपी विकास कुमार के अनुसार फरार आरोपी ब्रह्मालाल का पढ़ाई में मन नहीं लगा था, जिसके चलते वह अनपढ़ रह गया। करीब 7-8 साल की उम्र से ही वह गाय-भैंस पालने और खेती-बाड़ी के काम में जुट गया था। बाद में उसने ट्रैक्टर और कंप्रेसर मशीन चलाने के साथ ट्रकों पर खलासी का काम भी किया।



मजदूरी करके ब्रह्मालाल ने खुद का ट्रक खरीदा और उसे किराए पर चलाने लगा। लेकिन कम आमदनी के कारण वह ट्रक की किस्तें समय पर नहीं चुका पा रहा था।



आर्थिक परेशानी के चलते उसने अपने तस्कर साथी से संपर्क किया और ट्रक में लोडिंग सामान के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थ गांजा, डोडा-पोस्त और अफीम की तस्करी करने लगा। धीरे-धीरे इससे उसे मोटी कमाई होने लगी और उसने तस्करी को ही अपना मुख्य धंधा बना लिया।



पुलिस के डर से छोड़ा गांव

साल 2024 में थाना आसोप पुलिस ने ब्रह्मालाल के ट्रक को डोडा-चूरा के साथ पकड़ा था। इसकी जानकारी मिलते ही वह पुलिस कार्रवाई के डर से फरार हो गया। फरारी के दौरान उसने गुजरात के सोनगढ़ क्षेत्र में करीब 7-8 महीने क्रशर प्लांट पर मजदूरी की।



इसके बाद भीलवाड़ा के एक परिचित साथी के जरिए वह महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के डेकवड़ क्षेत्र में पहुंच गया। आरोपी करीब एक साल से नंदुरबार के क्रशर प्लांट पर मजदूरी और ट्रैक्टर चलाने का काम करते हुए अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था।



पुलिस से बचने के लिए मोबाइल तक बंद किया

फरारी के दौरान ब्रह्मालाल ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल तक बंद कर दिया था। वह करीब एक साल से अपने गांव भी नहीं आया और पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार अलग-अलग जगहों पर मजदूरी करता रहा।



मुखबिर से मिला अहम इनपुट

आईजीपी विकास कुमार के अनुसार ANTF टीम फरार इनामी आरोपी ब्रह्मालाल को पकड़ने के लिए काफी समय से लगातार प्रयास कर रही थी। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचता रहा।



इसी बीच महाराष्ट्र के नंदुरबार क्षेत्र में रहने वाले एक मुखबिर ने टीम से संपर्क कर बताया कि एक क्रशर मशीन पर एक व्यक्ति रहता है, जो हमेशा अपनी पहचान छिपाता है और भीलवाड़ा का रहने वाला है। मुखबिर ने कहा कि उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं।



मुखबिर ने गुप्त रूप से उसकी फोटो लेकर ANTF टीम को भेजी, जिससे पहचान की पुष्टि करने पर वह आरोपी ब्रह्मालाल निकला। इस सूचना के आधार पर ANTF टीम फरार आरोपी को दबोचने के लिए महाराष्ट्र के नंदुरबार क्षेत्र के लिए रवाना हुई।



गिट्टी खरीदार बनकर पहुंची टीम

टीम सूचना की पुष्टि के लिए महाराष्ट्र के नंदुरबार पहुंची और वहां गिट्टी के खरीदार बनकर अलग-अलग क्रशर मशीनों और मजदूरों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। टीम को एक क्रशर मशीन पर भीलवाड़ा के मजदूरों के काम करने की जानकारी मिली।



इसके बाद टीम करीब 5-6 किलोमीटर पैदल चलकर क्रशर मशीनों तक पहुंची और गिट्टी के खरीदार बनकर निगरानी की। वहां काम करने वाले मजदूरों से गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई गई।



जांच के दौरान एक डेकवड़ क्रशर प्लांट पर भीलवाड़ा निवासी गोवर्धन जाट द्वारा पत्थर और गिट्टी डालने का काम किए जाने की जानकारी मिली। टीम ने उस क्रशर प्लांट पर पहुंचकर निगरानी की, तो वहां एक व्यक्ति ट्रैक्टर चलाता हुआ नजर आया।



गलत नाम बताया, सख्ती से पूछताछ में खुला राज

टीम ने घेराबंदी कर उसे रोककर नाम-पता पूछा, तो उसने अपना नाम धर्मा होना बताया। लेकिन टीम को आरोपी की पहचान पहले से ही थी, इसलिए वह टीम को धोखा नहीं दे पाया।



सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह वांछित आरोपी ब्रह्मालाल गंगाराम जाट, निवासी बराना, जिला भीलवाड़ा है। इसके बाद टीम ने आरोपी ब्रह्मालाल को धर दबोचा।



कार्रवाई में ANTF टीमों की भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में ANTF टीमों की विशेष भूमिका रही है। आईजीपी विकास कुमार के अनुसार इस कार्रवाई में शामिल सभी टीमों को विशेष कार्यक्रम के दौरान ANTF मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा।



ये भी पढ़ें:-

कोडवर्ड, गुप्त तहखाना और करोड़ों की अफीम, ANTF ने किया पर्दाफाश



घूस की पहली किस्त ली ,दूसरी लेते ACB ने फूड सेफ्टी ऑफिसर को पकड़ा



8 साल, 2 अफसर, ACB से अरेस्ट के बाद भी देवस्थान में वही म्यूजिकल चेयर



कृषि विभाग में ACB कार्रवाई पर किरोड़ी का बड़ा दांव, खुद मांगी CBI जांच





Tags:
  • एडीजी दिनेश एमएन
  • तस्कर
  • अवैध मादक पदार्थ
  • एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स
  • ऑपरेशन माहुरंगून