अशोक गहलोत को अजमेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भीड़ ने घेरा, गाड़ी से नहीं उतरने पर किया विरोध
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार को अजमेर (Ajmer) दौरे पर थे। वे जादूगर एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जयपुर से अजमेर पहुंचे थे। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले गहलोत ने अजमेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
दो दिन पहले बोराज नाडी की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर सहित आसपास की कॉलोनियां जलमग्न हो गई थीं, जिसके कारण सैकड़ों घरों का सामान बह गया और घरों में कीचड़ और मलबा भर गया। गहलोत के वहां पहुंचने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे उनके खिलाफ आक्रोशित हो गए।
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गहलोत 40 मिनट तक गाड़ी में बंद रहे
जब गहलोत स्वास्तिक नगर पहुंचे, तो लोग उनकी गाड़ी को घेरने लगे। गहलोत आमतौर पर गाड़ी में बैठकर ही लोगों से बात करते हैं, लेकिन इस बार स्वास्तिक नगर के निवासी गहलोत से बाहर आकर हालात देखने की जिद करने लगे। गहलोत ने गाड़ी से बाहर निकलने से मना किया, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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कांग्रेस नेताओं का भी विरोध
गहलोत के साथ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी और अजमेर देहात जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राठौड़ भी थे। ये सभी नेता भीड़ में फंस गए और करीब एक घंटे तक गहलोत न तो गाड़ी से बाहर निकल सके और ना ही अपनी यात्रा आगे बढ़ा पाए। इसके बाद अजमेर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और गहलोत की गाड़ी को रवाना किया।
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बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की मांग
गहलोत ने जब स्वास्तिक नगर में नुकसान का जायजा लिया, तो उन्होंने कई मकानों की दीवारें टूटी देखीं, जिनसे पानी बाहर निकाला गया था। उन्होंने एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) के छोटे से माइक से अपना संदेश देते हुए कहा कि वे विपक्ष में हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष पैकेज की मांग करेंगे।
गहलोत ने कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर इस मुद्दे पर मुआवजा दिलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पटवारी को डोर टू डोर सर्वे करके रिपोर्ट सरकार को भेजनी चाहिए, ताकि बाढ़ प्रभावितों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।
पाल टूटने से भारी नुकसान
बोराज नाडी की पाल टूटने से कई कच्चे मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए थे, जबकि पक्के मकानों को भी भारी नुकसान हुआ था। लोग अपने घरों में पानी और कीचड़ से जूझ रहे थे। इस घटना ने पूरी स्वास्तिक नगर कॉलोनी को प्रभावित किया और लोगों को अपना सामान खोने का सामना करना पड़ा।
FAQ
- Q1: अशोक गहलोत ने अजमेर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते समय किसका सामना किया?
अशोक गहलोत को अजमेर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते वक्त स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। वे करीब 40 मिनट तक अपनी गाड़ी में बंद रहे। - Q2: गहलोत ने बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या घोषणाएं कीं?
गहलोत ने बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की और कहा कि वे मुख्यमंत्री से बात करके मुआवजा दिलवाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने अपने एक महीने के वेतन और अपनी मां की पेंशन को बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने की घोषणा की। - Q3: गहलोत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के दौरान क्या कार्रवाई की मांग की?
गहलोत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सर्वे करने और स्थानीय पटवारियों को रिपोर्ट भेजने की अपील की ताकि सरकार बाढ़ पीड़ितों को राहत दे सके।
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