गहलोत का सरकार पर तीखा प्रहार,धराशाई हो रहा है राजस्थान का विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल
News In Short
- अशोक गहलोत ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भाजपा सरकार को घेरा।
- आरजीएचएस के तहत निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान न होने से प्रदेश में स्वास्थ्य संकट बढ़ा।
- जयपुर के अस्पतालों में खून की भारी कमी को हेल्थ इमरजेंसी बताया।
- गहलोत ने महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट की शुरुआत में देरी पर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
News In Detail
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी सरकार द्वारा स्थापित किया गया विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल वर्तमान सरकार की उपेक्षा के कारण अब दम तोड़ रहा है।
कर्मचारी और पेंशनर्स संकट में
गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानि आरजीएचएस के तहत निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान नहीं होने से प्रदेश में स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। निजी अस्पतालों में ओपीडी और फार्मेसी सेवाएं रोकने की तैयारी से लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स अधर में हैं। इसके साथ ही चिरंजीवी बीमा योजना जिसका नाम बदलकर अब मां रख दिया है,को शिथिल करने से प्रदेशभर के अस्पतालों में इलाज में देरी और आवश्यक दवाइयों की भारी किल्लत हो गई है।
राजधानी में हेल्थ इमरजेंसी और ब्लड बैंक का विवाद
पूर्व मुख्यमंत्री ने जयपुर के एसएमएस और जनाना जैसे बड़े अस्पतालों में00 खून की भारी कमी को एक हेल्थ इमरजेंसी करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि
-निजी ब्लड बैंकों पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
-मरीजों के जीवन को जोखिम में डालने वाली व्यवस्थाओं में सुधार हो।
जब मैं जनता की बुनियादी समस्याओं को उठाता हूँ, तो मुख्यमंत्री जी समाधान निकालने के बजाय अपने इवेंट्स में मुझ पर व्यक्तिगत कमेंट्स करने में व्यस्त रहते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि हम जनता की पीड़ा की आवाज बन रहे हैं।
अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री
चाकसू में जन-आक्रोश: 108 साल के बुजुर्ग से की मुलाकात
अपने जनसंपर्क के दौरान अशोक गहलोत ने चाकसू विधानसभा क्षेत्र के 108 वर्षीय बुजुर्ग गोलूराम माली के गांव जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान एकत्रित हुए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में रोकी गई जनहितकारी योजनाओं को लेकर भाजपा सरकार के प्रति भारी रोष जताया।
गहलोत ने कहा कि सरकार को जवाब देने के बजाय धरातल पर बिगड़ते हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि प्रदेश का सुदृढ़ स्वास्थ्य ढांचा आज उपेक्षा का शिकार होकर दरक रहा है।
महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट कर रहा है शुरु होने का इंतजार
गहलोत ने एक्स पर इंतजारशास्त्र चैप्टर-एक में लिखा है कि भाजपा सरकार का इंतजारशास्त्र राजस्थान के युवाओं के भविष्य पर भारी पड़ रहा है! टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे की तर्ज पर हमने राजस्थान के युवाओं को सुशासन और सोशल साइंसेज में वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग देने के लिए महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया।
जयपुर के जेएलएन मार्ग पर 233 करोड़ की लागत से बना महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट साल 2024 से तैयार खड़ा है। लेकिन भाजपा सरकार इसे शुरू नहीं कर रही है। गहलोत ने कहा है कि शिक्षा के मंदिर को राजनीतिक द्वेष से ऊपर रखें एवं इसे अविलंब शुरू करें।
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