बाल विवाह की बेड़ियों से आजादी, 9 साल बाद विवाह निरस्त, अब फिर शुरू करेगी पढ़ाई
Ashish Bhardwaj | Mar 23, 2026, 13:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय ने 9 साल बाद खुशबू के बाल विवाह को कानूनी रूप से निरस्त किया। 12 साल की उम्र में हुआ विवाह उसे डिप्रेशन में ले आया था। कानूनी लड़ाई के बाद विवाह रद्द होने पर अब खुशबू अपनी पढ़ाई फिर से जारी रख सकेगी।
News In Short
- जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय का बाल विवाह को लेकर बड़ा फैसला।
- खुशबू का 9 साल बाद कानूनी तौर पर बाल विवाह हुआ निरस्त।
- 12 साल की उम्र में हुआ था बाल विवाह, आ गई थी डिप्रेशन में।
- विवाह से मुक्ति के लिए लड़ी कानूनी जंग, एक संस्था बनी सहयोगी।
- विवाह रद्द होने के बाद अब खुशबू फिर से अपनी पढ़ाई कर सकेगी।
News In Detail
9 साल का लंबा इंतजार
ससुराल पक्ष और समाज के दबाव ने उसे मानसिक रूप से डिप्रेशन की स्थिति में धकेल दिया था। इसी दौरान उसे बाल विवाह के खिलाफ काम करने वाली संस्था सारथी ट्रस्ट और उसकी मैनेजिंग ट्रस्टी व प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती की मुहिम के बारे में पता चला।
न्यायालय का कड़ा संदेश
अब वापस करेगी पढ़ाई
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