निकाय चुनाव पर गहलोत बोले- भजनलाल को भला आदमी समझा था, जीत के लिए क्या-क्या नहीं किया
जयपुर. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव को लेकर भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। बुधवार को जयपुर के सिविल लाइंस में मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि राजस्थान में निकाय चुनाव के दौरान ऐसी घटनाएं पहले कभी देखने को नहीं मिलीं।
उन्होंने निगम चुनाव में पुलिस और प्रशासन के गलत इस्तेमाल से लेकर पार्षदों पर दबाव बनाने तक के आरोप लगाए। गहलोत ने अजमेर, पाली और तिजारा के घटनाक्रम का जिक्र किया। साथ ही कहा कि अब 25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा में होने वाले मेयर चुनाव पर भी नजर रहेगी।
गहलोत बोले- राजस्थान में पहली बार ऐसी घटनाएं देखीं
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि निकाय प्रमुखों के चुनाव में पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के अंदर पहली बार राजस्थान में ऐसी हरकतें हुईं। सरकार के दबाव में कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने चुनाव में भूमिका निभाई। इससे अधिकारियों की साख पर भी सवाल खड़े हुए। गहलोत ने इसकी तुलना दूसरे राज्यों में चुनाव के दौरान उठे विवादों से की और विपक्षी दलों से इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
' CM भजनलाल जी से ऐसी उम्मीद नहीं थी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भला आदमी समझा था, लेकिन भजनलाल जी से ऐसी उम्मीद नहीं थी। ये भला आदमी ऐसा निकला है कि मैं सोच नहीं सकता था कि ये बर्बाद कर देंगे राजस्थान को इस प्रकार के चुनाव करवाकर। ऐसा इनकी जीत की क्या पड़ी थी भाई? कमाल है। आपने क्या-क्या नहीं किया बता दीजिये। हरियाणा पुलिस का इस्तेमाल कर लिया, यूपी पुलिस को यूज़ कर लिया। खुद ने पुलिस को भेज दिया, धमका दिया। बताइये आप। भजनलाल जी, आपसे ये उम्मीद नहीं थी।
नोटिस के जरिए कांग्रेस नेताओं को धमकाया गया: गहलोत
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि कहीं पुराने मामले खोले गए तो कहीं मकान तोड़ने के नोटिस और परिवार को धमकाने जैसे तरीके अपनाए गए। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस तक का इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन आरोपों को लेकर भाजपा पहले ही सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से इनकार कर चुकी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि मतदान पार्षद अपनी इच्छा से करते हैं।
गहलोत ने तिजारा विवाद का भी किया जिक्र
गहलोत ने तिजारा में हुए घटनाक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। तिजारा सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उसके समर्थक पार्षदों को हरियाणा में रोका गया था। मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंचा था और मतदान का समय बढ़ाया गया था। आखिर में कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी 18 वोट लेकर सभापति बने। हरियाणा के पंचकूला ACP रामकुमार ने पार्षदों को हिरासत में लेने में पुलिस की भूमिका से इनकार किया था।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान में इस तरह के घटनाक्रम पहले नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।
परिसीमन पर भी गहलोत ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने निकाय चुनाव से पहले हुए वार्ड परिसीमन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों की सीमाएं BJP को फायदा पहुंचाने के हिसाब से बदली गईं। गहलोत ने कहा कि कहीं चार वार्ड को एक किया गया तो कहीं एक वार्ड को दो हिस्सों में बांट दिया गया।
राजस्थान निकाय चुनाव की अगर बात करें तो कुल 10244 वार्ड सीटों में से भाजपा ने 4182 और कांग्रेस ने 3619 वार्ड जीते। निर्दलीयों के खाते में 2273 सीटें गईं। वहीं, 303 निकायों में भाजपा ने 200 और कांग्रेस ने 94 प्रमुख पद जीते।
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी में सतीश पूनिया का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पहले सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी एक बार फिर बढ़ा दी गई है। पार्टी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर का प्रभारी नियुक्त किया है।
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