स्कूल विवाद में विधायक और रांका आमने-सामने, MLA ने कहा-CJP ने खुद तोड़ी गाड़ियां
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के रामपुरा में स्कूल जायजे के दौरान CJP कार्यकर्ताओं पर हुआ था हमला।
- CJP नेता आशुतोष रांका ने हमले को बीजेपी विधायक द्वारा प्रायोजित बताया।
- बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने CJP कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का एजेंट कहा।
- जयपुर पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की है।
- CJP ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू क्षेत्र अंतर्गत रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई थी।
विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव और मारपीट की नौबत आ गई थी, जिसमें CJP कार्यकर्ताओं की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और कई लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है।
आशुतोष रांका का बीजेपी विधायक पर आरोप
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घटनाक्रम को पूर्व-नियोजित हमला करार दिया। उन्होंने दावा किया कि हमलावर घटना से ठीक एक रात पहले स्थानीय बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे हुए देखे गए थे।
रांका ने आरोप लगाया कि बाहर से गुंडे बुलाकर हमला कराया गया और पत्थरों का जिस तरह से इस्तेमाल हुआ, वह जानलेवा था। उन्होंने मौके पर पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े किए।
आशुतोष रांका ने पोस्ट करते हुए लिखा कि वीडियो में कैलाश वर्मा के पीछे जो व्यक्ति खड़ा है, उसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर मारा था। उन्होंने दावा किया कि घटना का वीडियो पूरी दुनिया देख चुकी है। साथ ही विधायक से कहा कि 'अक्ल इस्तेमाल करके थोड़ी नौटंकी करिए।'
कैलाश वर्मा का तीखा पलटवार
CJP के गंभीर आरोपों पर बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के बाहरी लोग गांव में किस अधिकार से घुसे।
कैलाश वर्मा ने CJP पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे गांव की वास्तविक समस्याओं को समझे बिना केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों का उनसे आत्मीय संबंध है और विवाद गांव के लोगों के आत्मसम्मान से जुड़ा है।
पुलिस ने दर्ज की दोनों पक्षों की एफआईआर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों दोनों की ओर से दी गई शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं।
पुलिस मौके के वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है। हालांकि CJP ने निष्पक्ष जांच पर संदेह जताते हुए मामले को कोर्ट ले जाने की बात कही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP
इस पूरे विवाद के बाद CJP ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत बेहद जर्जर है और जब वे इसे उजागर करने जाते हैं, तो उन पर हमले करवाए जाते हैं।
आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम डरने वाली नहीं है और वे आगे भी स्कूलों का दौरा कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे।
FAQ
- जयपुर के रामपुरा गांव में CJP और ग्रामीणों के बीच विवाद क्यों हुआ?
CJP कार्यकर्ता जर्जर सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे, जहां बिना अनुमति प्रवेश और वीडियोग्राफी को लेकर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। - CJP नेता आशुतोष रांका ने क्या आरोप लगाए हैं?
आशुतोष रांका का आरोप है कि हमलावर घटना से एक रात पहले बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा के साथ थे और यह हमला पूरी तरह प्रायोजित था। - पुलिस ने रामपुरा गांव में CJP और ग्रामीणों के बीच विवाद मामले में क्या कार्रवाई की है?
जयपुर पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर (Cross FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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