मेडिकल डिपार्टमेंट के 200 से ज्यादा सवाल-जवाब पेंडिंग, स्पीकर ने जताई नाराजगी
समझें क्या है पूरा मामला
- विधानसभा सवालों के जवाब में देरी पर नाराज हुए अध्यक्ष।
- मेडिकल विभाग से 225 सवालों के जवाब तलब।
- 13 अगस्त तक जवाब देने का मिला अल्टीमेटम।
- पांच महीने बाद भी लंबित हैं विधायकों के सवाल।
- विधानसभा अध्यक्ष ने विभाग को भेजा सख्त संदेश।
राजस्थान विधानसभा में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विधायकों ने सरकार से जो सवाल पूछे थे, उनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मेडिकल डिपार्टमेंट पर सीधी नाराजगी जताई है।
इस मामले में विधानसभा के प्रमुख सचिव ने भी कदम उठाया है। उन्होंने मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रमुख शासन सचिव को एक पत्र लिखा है। पत्र में साफ कहा गया है कि 13 अगस्त तक सभी पेंडिंग सवालों के जवाब दिए जाएं। यह डेडलाइन आगामी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले की है।
कैसे शुरू हुआ यह मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत बजट सत्र से जुड़ी है। जनवरी से मार्च तक विधानसभा का बजट सत्र चला था। इस दौरान कई विधायकों ने सरकार से सवाल पूछे थे। यह सवाल खास तौर पर मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े थे।
लेकिन विभाग की तरफ से इन सवालों का जवाब नहीं दिया गया। सत्र के दौरान भी जवाब नहीं मिले। सत्र खत्म होने के बाद भी यही हाल रहा। महीनों बीत जाने के बावजूद विधायकों को कोई जानकारी नहीं दी गई।
200 से ज्यादा सवाल अब भी पेंडिंग
इस मामले में सामने आए आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। जानकारों के अनुसार विधानसभा प्रमुख सचिव के पत्र में 209 सवालों का जिक्र है। यह सभी सवाल मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े हैं।
इसके अलावा एक और पत्र भी लिखा गया है। इस दूसरे पत्र में 16 सवालों का जिक्र है। यह सवाल मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट से संबंधित हैं। कुल मिलाकर 225 से ज्यादा सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। इनके जवाब न तो विधानसभा को मिले हैं और न ही संबंधित विधायकों को।
क्या कहता है जवाब देने का नियम
इस मामले में एक स्पष्ट नियम भी है, जिसका पालन नहीं हुआ। पत्र में इस नियम का साफ जिक्र किया गया है। नियम के अनुसार जब कोई विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होता है, तो एक तय समय सीमा होती है।
इस समय सीमा के अनुसार 30 दिन के भीतर सभी सवालों के जवाब देना जरूरी होता है। यह नियम उन सभी सवालों पर लागू होता है, जो सत्र से पहले या सत्र के दौरान विधायकों ने पूछे हों। लेकिन इस मामले में यह नियम पूरी तरह टूट गया।
पांच महीने बाद भी नहीं मिले जवाब
इस मामले में देरी की स्थिति बेहद गंभीर है। बजट सत्र खत्म हुए अब करीब पांच महीने बीत चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद विभाग की तरफ से सवालों के जवाब नहीं भेजे गए।
30 दिन के तय नियम के मुकाबले यह देरी कई गुना ज्यादा है। यही वजह है कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब आगामी सत्र से पहले सभी जवाब मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
FAQ
- विधानसभा अध्यक्ष किस बात से नाराज हैं?
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मेडिकल डिपार्टमेंट से नाराज हैं, क्योंकि विधायकों के पूछे गए सैकड़ों सवालों के जवाब अब तक नहीं दिए गए हैं। - विधानसभा में कितने सवाल अभी पेंडिंग हैं?
मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े 209 सवाल और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट से जुड़े 16 सवाल, यानी कुल 225 से ज्यादा सवाल अभी भी पेंडिंग हैं। - मेडिकल डिपार्टमेंट को जवाब देने के लिए कितना समय दिया गया है?
विभाग को 13 अगस्त तक सभी पेंडिंग सवालों के जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यह डेडलाइन आगामी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले की है।
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