18 शारीरिक शिक्षकों को किया बर्खास्त, डिग्री मिसमैच के बाद बड़ा एक्शन
News In Short
- बांसवाड़ा जिले में 18 शारीरिक शिक्षकों को डिग्री मिसमैच के कारण किया गया बर्खास्त।
- ये शिक्षक 2022 की पीटीआई भर्ती में शामिल थे, जिनकी डिग्री बाद में जांच में पाई गई मिसमैच।
- राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने इनकी बर्खास्तगी की पुष्टि की।
- बर्खास्त शिक्षकों की तैनाती बांसवाड़ा जिले के विभिन्न स्कूलों में की गई थी।
- अब तक 134 से अधिक शिक्षकों को फर्जीवाड़े मामले में बर्खास्त किया जा चुका है।
News In Detail
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 18 शारीरिक शिक्षकों (PTI) को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा प्रस्तुत की गई डिग्री के मिसमैच होने के कारण की गई। बर्खास्त किए गए शिक्षकों ने जो डिग्री आवेदन के समय प्रस्तुत की थी, वह बाद में जमा किए गए दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही थी। यह मामला 2022 में हुई ग्रेड थर्ड पीटीआई भर्ती से जुड़ा है। इसमें जिले के 18 शिक्षक शामिल थे।
कर्मचारी चयन बोर्ड ने की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने बताया कि यह कार्रवाई कर्मचारी चयन बोर्ड के निर्देशों पर की गई है। चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का एक अवसर दिया था, लेकिन वे संतोषजनक जवाब देने और सही दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे। इसके कारण चयन बोर्ड ने इनकी पात्रता को गलत माना और शिक्षा निदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए।
बर्खास्त आदेश किये जारी
बर्खास्त किए गए शिक्षक बांसवाड़ा जिले के विभिन्न स्कूलों में तैनात थे। इनमें मुख्य रूप से सज्जनगढ़, गांगड़तलाई, बागीदौरा और आनंदपुरी क्षेत्र के स्कूल शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश 17 अप्रैल को जारी कर दिए थे। इसके बाद 2 दिनों के भीतर संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल्स को बुलाकर बर्खास्तगी के आदेश दे दिए गए।
हाईकोर्ट ने गठित की कमेटी
इन शिक्षकों की डिग्री मिसमैच को लेकर पहले ही जांच की जा चुकी थी। हालांकि, इन अभ्यर्थियों ने निदेशालय के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई। इस मामले की पुनः जांच की और डिग्री मिसमैच पाए जाने के बाद इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश दिए।
2022 में हुई पीटीआई भर्ती से हुए थे चयनित
पीटीआई भर्ती-2022 में 5546 पदों पर निकाली गई थी। इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की डिग्री और अन्य दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया। इस जांच में कई दस्तावेज फर्जी या मिसमैच पाए गए थे, जिसके बाद एसओजी ने जांच कर 165 से अधिक अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। अब तक 134 से अधिक शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है।
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