फोन पर लेनदेन और लैब रिपोर्ट मैनेज की सेटिंग, ACB के हाथ लगी बातचीत

Ashish Bhardwaj | Jun 10, 2026, 10:03 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में नकली बीज मामले में रिश्वतखोरी को लेकर एसीबी की एफआईआर में चौंकाने वाली फोन वार्ताओं का जिक्र आया है। इनमें लैब रिपोर्ट मैनेज करने, विधायक के पीए को 60 लाख देने और मंत्री का नाम लिया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • एसीबी ने नकली बीज मामले में हुई रिश्वतखोरी को लेकर एफआईआर दर्ज की।
  • एसीबी को ऐसी फोन रिकॉर्डिंग मिली, जिनमें करोड़ों के लेन-देन का जिक्र।
  • निदेशक जुगल किशोर के कहने पर माल पहले ही डिस्पैच करने की तैयारी।
  • 1 करोड़ 20 लाख रुपए की रिश्वत का बंटवारा और 80 लाख एक थैले में रखे गए।
  • जुगल किशोर को पद से हटाया गया, पांचों आरोपियों से बीकानेर में पूछताछ जारी।

Jaipur: राजस्थान में नकली बीज मामले में भ्रष्टाचार को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी की दर्ज एफआईआर में फोन वार्ताओं का जिक्र किया गया है। बातचीत में लैब रिपोर्ट मैनेज कराने, 28 सैंपल पास और 4 फेल कराने तथा करोड़ों रुपए के लेन-देन के दावे हैं।



एक बातचीत में बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई की ओर से मंत्री जी का नाम लेने का भी जिक्र है। राज्य सरकार ने जुगल किशोर को बीज निगम के निदेशक पद से हटा दिया है। सभी छह गिरफ्तार आरोपियों से बीकानेर में पूछताछ जारी है।



फोन पर हो रही थी लैब सेटिंग

एसीबी को मिली फोन वार्ताओं में सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है, जिनमें 28 सैंपल पास और 4 सैंपल फेल कराने की सीधी बात की गई। सुनील और किरण के बीच हुई बातचीत में सुनील ने कहा कि सैंपल तीन महीने लैब में ही रहने दो। उसने कहा कि लैब मैनेज कर लो, फिर 3-4 महीने में मामला ठंडा पड़ जाएगा।



गुजरात माल वापस न जाए, इसकी भी हुई तैयारी

सतपाल और किरण के बीच हुई फोन बातचीत में यह भी सामने आया कि निदेशक जुगल की ओर से कहा गया है — खुलकर खेलो, सारे सैंपल जयपुर मंगा रहा हूं।



सतपाल ने दावा किया कि ऐसा इंतजाम किया जाएगा कि गुजरात का माल वापस नहीं जाना पड़ेगा। रिजल्ट आने से पहले ही माल डिस्पैच का ऑर्डर करवाने की बात भी कही गई।



रुपयों के लेन-देन का पूरा हिसाब

फोन वार्ताओं में रिश्वत की रकम के बंटवारे का भी विस्तृत जिक्र है। किरण की बातचीत के मुताबिक 1.20 करोड़ जुगल को दिया गया और 60 लाख रुपए एमएलए के पीए को दिए गए। कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपए का कलेक्शन बताया गया, जिसमें से 20 लाख अधिकारियों ने खुद रख लिए।



एक अन्य फोन कॉल पर गणपत और एक महिला के बीच हुई वार्ता में 80 लाख रुपए एक थैले में रखे होने का जिक्र है। महिला ने कहा कि इतने पैसों की वजह से डर लगता है। गणपत ने बताया कि यह रकम मानसरोवर एरिया के अरावली एनक्लेव में एक फ्लैट में रखी थी।



बातचीत में मंत्री जी का नाम भी आया

सतीश और जुगल किशोर के बीच हुई बातचीत में एक जगह मंत्री जी का उल्लेख किया गया है। हालांकि किस मंत्री का जिक्र है, इसका एसीबी ने अभी खुलासा नहीं किया है। सतीश की पहचान को लेकर भी जांच जारी है।



सतीश ने जुगल से कहा कि राजेश को कोई रिलेक्सेशन मत देना क्योंकि सारा मामला गड़बड़ करने वाला वही है। इस बातचीत में हनुमानगढ़ से जुड़े संपर्कों का भी जिक्र है।



जुगल किशोर पद से हटाए गए

नकली बीज मामले में 2 करोड़ 44 लाख रुपए के रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार होने के बाद सरकार ने जुगल किशोर विश्नोई के खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक मंडल में नामित सदस्य के पद से हटा दिया गया है।



गिरफ्तार सभी छह आरोपियों से एसीबी बीकानेर में पूछताछ कर रही है। जांच का दायरा बढ़ रहा है और एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन-किन लोगों तक पहुंची।



FAQ

  1. राजस्थान बीज घोटाले में क्या हुआ है?
    राजस्थान राज्य बीज निगम में कथित भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। एफआईआर में 2 करोड़ 44 लाख रुपए की रिश्वत का जिक्र है। फोन वार्ताओं में लैब रिपोर्ट मैनेज करने और सैंपल पास-फेल कराने के दावे सामने आए हैं।
  2. जुगल किशोर विश्नोई कौन हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
    जुगल किशोर विश्नोई राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक मंडल में नामित सदस्य थे। रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें इस पद से हटा दिया है। उनसे बीकानेर में एसीबी पूछताछ कर रही है।
  3. राजस्थान बीज घोटाले मामले की फोन वार्ताओं में मंत्री जी का नाम क्यों अहम है?
    गिरफ्तार निदेशक जुगल किशोर की एक बातचीत में मंत्री जी का उल्लेख किया गया है। एसीबी ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि किस मंत्री का नाम लिया गया। यह जांच का एक अहम बिंदु है और आगे बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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