भरतपुर में ACB का एक्शन: 30 हजार की रिश्वत लेते असिस्टेंट इंजीनियर गिरफ्तार

Saurabh Mishra | Sept 15, 2026, 12:37 IST
ACB के जाल में AEN
भरतपुर के भुसावर पंचायत समिति में ACB ने असिस्टेंट इंजीनियर गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। मेजरमेंट बुक पर साइन के बदले घूस मांगने का आरोप है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भरतपुर में ACB ने रिश्वत लेते असिस्टेंट इंजीनियर को दबोचा।
  • मेजरमेंट बुक पर साइन के बदले मांगे थे 30 हजार रुपए।
  • भुसावर पंचायत समिति में रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ अधिकारी।
  • ठेकेदार की शिकायत पर ACB ने बिछाया जाल, हुई कार्रवाई।
  • रिश्वतखोरी में फंसे अधिकारी से अब हो रही पूछताछ।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भरतपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की। भुसावर पंचायत समिति में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर (AEN) गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। ACB के मुताबिक आरोपी अधिकारी ने एक ठेकेदार से मेजरमेंट बुक और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट का सत्यापन कर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।



यह कार्रवाई सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ACB मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर चौकी की टीम ने की। शिकायत मिलने के बाद पहले रिश्वत मांगने की पुष्टि कराई गई और इसके बाद पूरी योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।



एसीबी ने असिस्टेंट इंजीनियर को घूस लेते पकड़ा

ACB के अनुसार, भुसावर पंचायत समिति में विकास कार्य पूरा कराने वाले एक ठेकेदार ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि काम पूरा होने के बाद उसकी मेजरमेंट बुक और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट का सत्यापन और हस्ताक्षर किया जाना था।



आरोप है कि इसी काम को आगे बढ़ाने के एवज में असिस्टेंट इंजीनियर गोविंद प्रसाद की ओर से 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि रिश्वत नहीं देने पर काम रोकने की बात कही जा रही थी।



शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई।



पंचायत समिति कार्यालय में बिछाया जाल

ACB रेंज भरतपुर के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और ACB चौकी भरतपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक महेंद्र सिंह ने किया।



योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी सहायक अभियंता के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने 30 हजार रुपए की रिश्वत ली और अपने पास रखी, पहले से तैयार ACB टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।



ACB की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की। इसके बाद नियमानुसार उसके हाथों को रासायनिक घोल से धुलवाकर जांच की गई। केमिकल टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।



असिस्टेंट इंजीनियर के संभावित ठिकानों की तलाशी

ACB की महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों की तलाशी भी ली जा रही है। ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान जारी है।



असिस्टेंट इंजीनियर की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद पंचायत समिति परिसर और आसपास के सरकारी कार्यालयों में भी हलचल देखने को मिली।



विकास कार्यों से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी पर सवाल

पंचायत समितियों में विकास कार्यों से जुड़े भुगतान, माप पुस्तिका के सत्यापन और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जैसे कामों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में किसी अधिकारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने से सरकारी कामकाज की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।



ACB की इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर एजेंसी सत्यापन के बाद कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।



रिश्वत मांगे तो ACB को करें शिकायत

ACB ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी वैध काम करने के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो से करें।



ACB के अनुसार, नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर 24 घंटे शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर भी संदेश या रिकॉर्डिंग के जरिए शिकायत की जा सकती। ब्यूरो ने शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने और वैध कार्य में आवश्यक सहायता देने की बात कही है।



भरतपुर के भुसावर में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि रिश्वत की शिकायत मिलने पर ACB सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई कर रही। अब जांच में यह सामने आएगा कि इस मामले में रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े अन्य कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।



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