मंगलसूत्र सीधा महिला चोर के पेट में, पुलिस ने एक्स-रे मशीन से पकड़े चोरी किए गहने
News In Short
- ऐसे महिला चोर गिरोह को पकड़ा, जो चोरी के बाद गहने सीधे निगल जाता।
- पुलिस ने एक्स-रे मशीन की मदद से महिला चोर के पेट से निकाले गहने
- गिरोह ने कोटड़ी मंदिर में शीतला सप्तमी के दिन महिलाओं से जेवरात चुराए।
- महिलाएं चोरी के बाद जेवरात निगलने या कपड़ों में छिपा करती थी।
- यह गिरोह मध्य प्रदेश से राजस्थान चोरी करने के लिए आता था।
News In Detail
राजस्थान के भीलवाड़ा में एक ऐसा चोर गिरोह को पकड़ा है, जिसके कारनामे देखकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। ये महिलाएं चोरी करने में इतनी माहिर थी कि चोरी करने के बाद जेवरों को निगल कर पेट में ले जाया करती थी। गिरोह में सात महिला चोर है। यह गिरोह मध्य प्रदेश से चोरी करने के लिए राजस्थान कार से आता था।
महिला चोर गिरोह की गिरफ्तारी
भीलवाड़ा पुलिस ने 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनके नाम शानू (31), व्रतिका (20), बरजी बाई (52), बसंती (60), मैना (28), पायल (20) और सपना (32) हैं। ये सभी मध्य प्रदेश के नीमच जिले के विभिन्न गांवों से ताल्लुक रखती हैं। पुलिस ने इन महिलाओं को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल टेस्ट और एक्स-रे करवाए, जिससे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
चोरी की घटना और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
यह गिरोह शीतला सप्तमी के दिन कोटड़ी स्थित चारभुजा मंदिर में रंगोत्सव कार्यक्रम के दौरान सक्रिय था। वहां मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाते हुए महिलाओं ने कई महिलाओं से सोने के जेवरात चोरी कर लिए। कोटड़ी निवासी राधा अहीर ने मंदिर से बाहर आकर यह शिकायत दी कि उसके गले से मंगलसूत्र और सोने के मोती चोरी हो गए हैं।
गश्त के दौरान पकड़ा गिरोह
पुलिस ने गश्त के दौरान संदिग्ध महिलाओं को देखा और उन्हें हिरासत में लिया। बाद में पूछताछ में इन महिलाओं ने चोरी की वारदातों को कबूल किया। इन महिलाओं के पास से चुराए गए जेवरात भी बरामद हुए, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब मेडिकल जांच में एक महिला के पेट से मंगलसूत्र और 6 सोने के मोती निकाले गए।
महिलाओं के चोरी के तरीकों का खुलासा
पुलिस ने बताया कि महिलाओं से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि यह गिरोह खासतौर पर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद, ये महिलाएं जेवरात को या तो निगल लेती थीं या अपने कपड़ों में छिपा लेती थीं ताकि कोई भी शक न करे। यह तरीका उनकी चोरी को सुरक्षित रखने के लिए अपनाया जाता था। इस घटना के बाद, पुलिस ने इन महिलाओं से अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ की और उनकी बाकी वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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