फर्जी सीआईए अधिकारी बनकर की वसूली, 2 आरोपी हुए गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- भिवाड़ी में फर्जी CIA अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से ठगी।
- आरोपियों ने नशीली दवाओं का झूठा आरोप लगाकर 10 लाख मांगे।
- डराकर पीड़ित से ऑनलाइन एक लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए।
- बाकी रकम लेने पहुंचे दो आरोपी पुलिस के जाल में फंसे।
- पुलिस ने 24 घंटे में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सुनील जैन@भिवाड़ी
भिवाड़ी में कुछ युवकों ने खुद को हरियाणा सीआईए का अधिकारी बताकर एक मेडिकल स्टोर संचालक को अगवा किया। उन्होंने नशीली दवाओं की बिक्री का झूठा आरोप लगाकर 10 लाख रुपए की मांग की। डराकर पीड़ित से एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। बाकी रकम लेने आए दो आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
खैरथल तिजारा जिले अंतर्गत पुलिस जिला भिवाड़ी की फैज तृतीय थाना पुलिस ने फर्जी सीआईए (CIA – Crime Investigation Agency, हरियाणा) पुलिस अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से एक लाख रुपए की फिरौती वसूलने वाले दो आरोपियों को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
आरोपी अगले दिन बचे हुए 50 हजार रुपए लेने पहुंचे थे, तभी पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को दबोच लिया। पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमनलाल मीना और वृत्ताधिकारी कैलाश चौधरी के सुपरविजन में थानाधिकारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार हरियाणा के नूंह जिले के सुनारी निवासी अजरूदीन सांथलका में भारत फार्मेसी नाम से मेडिकल स्टोर चलाते हैं। रविवार शाम करीब छह बजे एक ग्रे रंग की स्विफ्ट कार में सवार पांच युवक उनकी दुकान पर पहुंचे।
चार युवक दुकान में आए और खुद को हरियाणा सीआईए का अधिकारी बताते हुए मेडिकल स्टोर संचालक पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री का आरोप लगाने लगे।
जबरन कार में बैठाकर मांगी फिरौती
आरोपियों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर अजरूदीन को जबरन कार में बैठा लिया। उन्हें सुनसान इलाके में ले जाकर 10 लाख रुपए की मांग की गई।
विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट की गई और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इस पूरी घटना ने पीड़ित को गहरे डर में डाल दिया।
डराकर कराया ऑनलाइन भुगतान
भयभीत मेडिकल स्टोर संचालक ने अपने परिचित से रुपए मंगवाने की कोशिश की, लेकिन बैंक बंद होने की बात सामने आने पर आरोपियों ने अपना यूपीआई (UPI – Unified Payments Interface) स्कैनर दिखाकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए मजबूर किया।
पीड़ित ने दो किस्तों में 10 हजार और 90 हजार रुपए, कुल एक लाख रुपए आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। यूपीआई लिमिट खत्म होने पर आरोपियों ने अगले दिन 50 हजार रुपए और देने की धमकी देकर पीड़ित को उसकी दुकान के पास छोड़ दिया।
फिरौती लेने आए और पकड़े गए
सोमवार को पीड़ित ने घटना की सूचना भिवाड़ी फैज तृतीय थाना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाकर पीड़ित को आवश्यक निर्देश दिए।
इसी दौरान आरोपियों ने दोबारा फोन कर शेष 50 हजार रुपए देने को कहा और बताया कि दो युवक रकम लेने पहुंचेंगे। पुलिस की योजना के अनुसार पीड़ित ने दोनों युवकों को बातचीत में उलझाए रखा और तत्काल सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक मोटरसाइकिल सहित दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने खैरथल-तिजारा के गहनकर निवासी मोहित (23) पुत्र बंटी गुर्जर और भिवाड़ी के वार्ड नंबर 31 निवासी हर्ष (20) पुत्र सुरेश जाटव को गिरफ्तार किया है।
कई पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में अभियोग संख्या 222/2026 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS – Bharatiya Nyaya Sanhita) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन, बैंक खातों और फरार अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
ये खबर भी पढ़े:-
बॉर्डर पर इनकम टैक्स की नजर, रजिस्ट्रार कार्यालय में हो रही है जांच
75 साल की विधानसभा: राजनीतिक टकराव बढ़ा, लेकिन घटते चले गए कामकाज के दिन
दत्तक पुत्र को भी होगा अनुकम्पा का अधिकार, सरकार पर लगा एक लाख का जुर्माना
बुलडोजर से ढहाया गया गैंगस्टर का घर, आईजी बोले- कौन रोहित गोदारा