कोर टीम हटने के बाद पहली बार निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे भूपेंद्र यादव, चर्चा में दौरा
समझें क्या है पूरा मामला
- कोर टीम हटने के बाद भूपेंद्र यादव अपने निर्वाचन क्षेत्र में पहली बार आए।
- अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद से अब तक वे अलवर नहीं आए थे।
- रविवार का उनका दौरा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।
- केंद्रीय मंत्री का दौरा भिवाड़ी और उसके आसपास तक सीमित रहा।
- अलवर शहर नहीं पहुंचे मंत्रीजी, इंतजार करते रही जनता और कार्यकर्ता।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव रविवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अलवर पहुंचे। अपनी कोर टीम को हटाए जाने के बाद वह क्षेत्र की जनता के बीच पहली बार सार्वजनिक दिखे।
आम जनता के बीच सक्रिय दिखने वाले यादव कोर टीम पर एक्शन के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूरी बनाए हुए थे। उनका अधिक समय दिल्ली या उससे बाहर ही बीत रहा था।
अपनी कोर टीम पर एक्शन होने के बाद भूपेंद्र यादव का यह दौरा स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा। राजनीतिक पंडित यह आकलन करने में जुटे रहे कि सहायकों के हटने के बाद उनके भावी कदमों में क्या बदलाव आने वाले हैं।
कोर टीम के हटने के बाद पहली बार दिखे
पिछली 3 जुलाई को एक अप्रत्याशित फैसले में भूपेंद्र यादव के चार मुख्य सहायकों को उनके पदों से हटा दिया गया था। राजनीतिक गलियारों में इस तरह की कार्रवाई को बेहद दुर्लभ घटनाओं में गिना जा रहा है।
इसके बाद से ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव अलवर से दूरी बनाए हुए थे। आमतौर पर उनका अधिकांश समय अपने निर्वाचन क्षेत्र अलवर में बीतता था।
उनके करीबियों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चार प्रमुख सहायकों को एक साथ हटाए जाने की यह घटना उनके लिए एक बड़ा झटका रही है, जिसके बाद उनके इस पहले दौरे पर सबकी निगाहें टिकी थीं।
अलवर शहर से बनाई दूरी, भिवाड़ी और टपूकड़ा में रहे सक्रिय
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शनिवार रात को ही भिवाड़ी पहुंच गए थे। हालांकि, इस पूरे दौरे में एक बेहद रोचक बात यह सामने आई कि वे अपने तय कार्यक्रमों के बावजूद अभी तक मुख्य अलवर शहर नहीं पहुंचे हैं।
उन्होंने भिवाड़ी को ही अपना केंद्र बनाए रखा। वहीं से अपनी गतिविधियों का संचालन किया। रविवार को उन्होंने भिवाड़ी और टपूकड़ा के विभिन्न स्थानीय आयोजनों में शिरकत की।
बाबा मोहनराम के दरबार में लगाई धोक, की गोसेवा
भूपेंद्र यादव सबसे पहले प्रसिद्ध बाबा मोहनराम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से धोक लगाकर आशीर्वाद लिया।
मंदिर दर्शन के बाद वे परिसर में स्थित गौशाला गए, जहां उन्होंने गायों को गुड़ खिलाकर गोसेवा की। इस दौरान उनके साथ स्थानीय भाजपा नेता और समर्थक भी मौजूद रहे।
खेल सुविधाओं का लिया जायजा
केंद्रीय मंत्री ने भिवाड़ी स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेडियम में विकसित किए गए एथलेटिक्स ट्रैक, स्पोर्ट्स कोर्ट और अन्य अत्याधुनिक खेल सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने खेल अधिकारियों को स्टेडियम के बेहतर रखरखाव के निर्देश भी दिए।
इसके बाद वे आशियाना आंगन सोसायटी पहुंचे, जहां सर्व देव प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने दुर्गा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की।
बाद में टपूकड़ा में भाजपा के अभिनंदन समारोह में शामिल होने पहुंचे। यहां से वे बहरोड़ के गीरोठ गांव पहुंचे, जहां उन्होंने एक शोक सभा में सम्मिलित होकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
क्या है कोर टीम हटाने का मामला?
भूपेंद्र यादव राजस्थान में अलवर लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे केंद्र सरकार में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं। हाल ही में उनके चार मुख्य सहायकों को एक साथ उनके पदों से हटा दिया है। आमतौर पर किसी मंत्री की टीम से एक साथ चार बड़े अधिकारियों का हटना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
अचानक हुए इस बदलाव की वजह प्रशासनिक बताई गई है, लेकिन यह किसी गंभीर आंतरिक विषय की ओर इशारा करता है। यह फैसला 3 जुलाई को अलग-अलग सरकारी आदेश जारी करके लिया गया।
इस मामले की खबरें चार जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे के बाद मीडिया में आई। अभी तक हटाने की असल वजह सामने नहीं आई है। लेकिन, चार करीबी लोगों पर एक्शन केंद्रीय मंत्री के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दो अधिकारी मूल विभाग भेजे, दो की छुट्टी
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव अमर सिंह को उनके मूल कैडर राजस्व विभाग में भेजा गया है। दो अतिरिक्त सचिवों में सग शैलेश कुमार सिंह को भी उनके मूल विभाग डीओपीटी (DoPT) में लौटा दिया है।
अतिरिक्त निजी सहायक आयुष शरण और सहायक निजी सहायक सिद्धार्थ यादव को टर्मिनेट किया गया है। मंत्री की च्वॉइस पर नियुक्त हुए ये दोनों लोग उनके महत्वपूर्ण काम संभालते थे।
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