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Photograph: (the sootr)
News in Short
- सरिस्का में बाघ संरक्षण की भविष्य की दिशा तय करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
- केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने किया सम्मलेन को संबोधित
- भूपेंद्र यादव बोले, भारत अब दुनिया में बन रहा वन्यजीव संरक्षण का मॉडल
- समय के साथ जो नीतियां अप्रचलित हो चुकी हैं, उनकी पहचान कर करेंगे सुधार
- फरवरी के अंत तक बोत्सवाना से भारत आएगा चीतों का नया जत्था
सुनील जैन @​ अलवर
News in Detail
राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में शनिवार को बाघ संरक्षण की भविष्य की दिशा तय करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने बाघ रेंज राज्यों के मुख्य वन्यजीव वार्डनों और फील्ड निदेशकों के इस दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल बाघों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विश्व को वन्यजीव संरक्षण का 'भारतीय मॉडल' देने की ओर अग्रसर है।
​नीतिगत समीक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर​
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में 'नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी' (NTCA) की अब तक की 28 बैठकों का हवाला देते हुए एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ जो नीतियां अप्रचलित हो चुकी हैं, उनकी पहचान कर उनमें सुधार करना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि बाघों के रेस्क्यू, पुनर्वास और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अब पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को अपनाना होगा।
बोत्सवाना से इसी माह आएंगे चीते
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज दुनिया के 70 प्रतिशत बाघों का घर है। यह हमारी प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली की वैश्विक जीत है। उन्होंने बताया कि चीता पुनरुद्धार कार्यक्रम अपनी तीसरी पीढ़ी में प्रवेश कर चुका है। फरवरी के अंत तक बोत्सवाना से चीतों का नया जत्था भारत पहुंचने की उम्मीद है।
​अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व और 'बिग कैट अलाइंस'​
सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा स्थापित 'इंटरनेशनल बिग कैट अलाइंस' (IBCA) में दुनिया के 24 देश शामिल हो चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले वैश्विक बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। यह गठबंधन न केवल बाघों को बचाएगा, बल्कि बढ़ती गर्मी, मरुस्थलीकरण और जैव विविधता के नुकसान जैसी तीन बड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान भी पेश करेगा।
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​राजस्थान बनेगा बाघों की 'नर्सरी': संजय शर्मा​
राजस्थान के वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वन विभाग की मुस्तैदी का नतीजा है कि सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। उन्होंने कहा कि बाघों के 'जीन पूल' की समस्या को हल करने के लिए मध्य प्रदेश से बाघिनों का स्थानांतरण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में राजस्थान 'बाघों की नर्सरी' के रूप में पहचाना जाएगा। उन्होंने गोडावण, खरगोन पक्षी और घड़ियाल संरक्षण के लिए किए जा रहे राज्य सरकार के प्रयासों को भी रेखांकित किया।
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​नन्हे कलाकारों ने कैनवास पर उकेरा पर्यावरण प्रेम
​सम्मेलन के दौरान 'टाइगर मैराथन 2026' के तहत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में रिकॉर्ड 30 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया था। ​​कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि 8 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की 'अलवर टाइगर मैराथन' का आयोजन हो रहा है। इसमें 41 देशों के लगभग 18 हजार धावक हिस्सा ले रहे हैं, जो बाघ संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का एक वैश्विक संदेश देंगे।
इन आला अफसरों की रही ​उपस्थिति
​इस महत्वपूर्ण सत्र में केंद्रीय मंत्रालय के महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी, अतिरिक्त महानिदेशक रमेश पाण्डे, एनटीसीए के सदस्य सचिव डॉ. संजयन कुमार सहित देशभर के प्रमुख वन संरक्षक और टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर मौजूद रहे।
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