भाजपा टि​कट, पार्षद की रेस, प्रतिद्वंद्वी चुनेंगे प्रत्याशी!

Jageshwar prasad | Aug 20, 2026, 20:20 IST
भाजपा ने टिकट आवेदन में रखी अनूठी शर्त, अपने ही 3 प्रतिद्वंद्वियों के नाम बताएं,
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा ने टिकट चाहने वालों के सामने अनूठी शर्त रखी है। आवेदकों को 19 बिंदुओं के फॉर्म में अपने तीन प्रतिद्वंदियों के नाम, आपराधिक मुकदमों का लिखित विवरण और संबंधित वार्ड का वोटर ID देना अनिवार्य किया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अजीब शर्त, आवेदन पत्र में बताने होंगे तीन प्रतिद्वंदियों दावेदारों के नाम।
  • आपराधिक रिकॉर्ड, FIR, धारा और कोर्ट का लिखित ब्यौरा देना अनिवार्य।
  • वार्ड का प्रूफ, आधार कार्ड नहीं, वोटर ID और वोटर लिस्ट क्रमांक चलेगा।
  • संगठन का ट्रैक, सदस्यता क्रमांक और पुराने चुनाव का हिसाब देना जरूरी।

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव की तारीखें घोषित होते ही भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन की तैयारियां शुरु कर दी हैं। लेकिन,भाजपा ने पार्षद का टिकट मांगने वालों के सामने एक अजीब शर्त लगा दी है।



भाजपा ने टिकट मांगने वालों को अपने ही तीन-तीन प्रतिद्वंदियों के नाम बताने को कहा है। टिकट मांगने वालों को बताना होगा कि यदि उनका टिकट कटता है तो वे कौनसे तीन प्रतिद्वंदी हैं जिन्हें टिकट दिया जा सकता है।



इसके अलावा आवेदक पर कोई मुकदमा दर्ज है या पूर्व में कोई मुकदमा दर्ज था तो इसकी जानकारी भी आवेदन-पत्र में भरनी होगी।



पार्टी पहले भी मौखिक रूप से आपराधिक मुकदमों को लेकर पूछती थी। इस बार आवेदक को लिखित रूप में एफआईआर नंबर, पुलिस थाना, अपराध की धारा, कोर्ट का नाम और आरोप की दिनांक की जानकारी भी देनी होगी।



निकाय चुनाव लड़ने के लिए आवेदक को 19 बिंदुओं में पार्टी को अपनी जानकारी देनी होगी

प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने कहा कि हमारी पार्टी की खूबसूरती उसका कार्यकर्ता और संगठन हैं। 19 में से 1 कॉलम इसलिए ये भी रखा गया है कि जो कार्यकर्ता टिकट मांग रहा है, वह अपने अतिरिक्त किन लोगों को इस लायक समझता है जो संगठन की सेवा करते हुए जनता की भी सेवा कर सकते हैं। इस सद्भाव को रखते हुए वरीयता के आधार पर अपने वार्ड में खुद के ही तीन प्रतिद्वंदियों के नाम पार्टी ने मांगे है।



जिस वार्ड का निवासी उसका मतदाता पहचान-पत्र अनिवार्य

पार्षद का टिकट चाहने वाले नेताओं को ये भी बताना होगा कि जिस वार्ड से वह टिकट मांग रहे है, क्या वो उस वार्ड के स्थायी निवासी हैं। इसे वैरिफाई करने के लिए पार्टी ने इस बार आवेदक से उस वार्ड का मतदाता पहचान-पत्र अथवा मतदाता सूची क्रमांक पूछा हैं।



दरअसल, अभी तक होता था कि उम्मीदवार जिस वार्ड से टिकट मांगते थे। उस वार्ड का स्थायी निवासी बताने के लिए आधार कार्ड में पता चेंज करवा लेते थे। इस बार पार्टी ने मतदाता पहचान-पत्र अनिवार्य किया हैं।



जयपुर नगर निगम के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल का कहना है कि अमूमन पार्टी इस नियम को फोलो करती है कि उम्मीदवार जिस वार्ड से टिकट मांग रहा है, वो उसी वार्ड का निवासी हो लेकिन विशेष परिस्थितियों में अगर पार्टी को लगता है कि किसी कार्यकर्ता का उपयोग दूसरी जगह बेहतर हो सकता है तो उसे वहां से भी टिकट दिया जा सकता हैं।



पूर्व में लड़ चुके चुनावों की भी देनी होगी जानकारी

आवेदन-पत्र में आवेदक को ये भी बताना होगा कि वह पार्टी का प्राथमिक सदस्य कब से हैं। पार्टी में सक्रिय सदस्यता क्रमांक भी देना होगा। संगठन में वर्तमान और पूर्व की जिम्मेदारियों की जानकारी भी बतानी होगी। साथ ही, अगर पहले कोई चुनाव लड़ा है तो उसकी भी पूरी जानकारी आवेदक को देनी होगी।



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