गारनेट के काले कारोबार में खाकी और खादी का गठजोड़, विधायक का करीबी गिरफ्तार, आईपीएस माधव उपाध्याय एपीओ

Ashish Bhardwaj | Apr 06, 2026, 15:02 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में गारनेट के अवैध कारोबार और वसूली का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात है कि यह कारोबार भाजपा विधायक और पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहा था। इस मामले में संदिग्ध भूमिका सामने आने पर आईपीएस माधव उपाध्याय को हटा दिया गया है।

News In Short

  • राजस्थान में खाकी और खादी के गठजोड़ से गारनेट का अवैध कारोबार।
  • भीलवाड़ा जिले में भाजपा विधायक के करीबी अजय पांचाल समेत चार गिरफ्तार।
  • संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद आईपीएस माधव उपाध्याय को हटाया।
  • अजय पांचाल विधायक गोपीचंद मीणा के सरंक्षण में चला रहा था वसूली रैकेट।
  • ​पांचाल जिस लग्जरी एसयूवी का उपयोग करता था, उस पर विधायक लिखा था।

News In Detail

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का कोटड़ी-जहाजपुर क्षेत्र इन दिनों 'रेत का सोना' कहे जाने वाले गारनेट के अवैध कारोबार और वसूली को लेकर सुर्खियों में है। यह चर्चा केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने राजनीति और पुलिस प्रशासन की साख पर बट्टा लगा दिया है।



जहाजपुर के भाजपा विधायक गोपीचंद मीणा के करीबी अजय पांचाल की गिरफ्तारी ने न केवल सियासत में भूचाल ला दिया है, बल्कि यह भी उजागर कर दिया है कि अपराध की जड़ें सत्ता की चौखट तक कितनी गहराई से धंसी हुई हैं। इस मामले में संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद 2023 बैच के आईपीएस माधव उपाध्याय को एपीओ कर दिया गया है।



​सीएमओ तक पहुंची आंच, आईपीएस पर गिरी गाज

​इस मामले की तपिश जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) तक जा पहुंची। मामला इतना गंभीर हो गया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस सिंडिकेट में आईपीएस माधव उपाध्याय की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद उन्हें एपीओ कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अब इसकी कमान अजमेर जीआरपी के पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।



WhatsApp Image 2026-04-06 at 2.48.33 PM


​विधायक की सिफारिश या अपराधी को अभयदान?

​इस पूरे प्रकरण का सबसे चौंकाने वाला पहलू आईपीएस माधव उपाध्याय का वह बयान है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि अजय पांचाल को उनसे जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने ही मिलवाया था। विधायक का दावा था कि पांचाल अवैध गारनेट के खिलाफ पुलिस की मदद करेगा।



जनता के बीच यह सवाल चर्चा में है कि ​क्या अजय पांचाल सच में पुलिस का खबरी था या विधायक की सरपरस्ती में चल रहे वसूली रैकेट का सरगना? ​क्या यह कार्रवाई के नाम पर गारनेट के अवैध कारोबार में प्रतिद्वंद्वियों को रास्ते से हटाने और क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने की कोई सोची-समझी साजिश थी?





vidhaya


​खाकी का रिमोट कंट्रोल बना अपराधी

​यह सामने आया है कि अजय पांचाल पुलिस की कार्रवाई का रिमोट कंट्रोल बन चुका था। पुलिस ने उसके इशारे पर कई जगहों पर छापेमारी की और गारनेट का जखीरा भी पकड़ा। लेकिन अब संदेह जताया जा रहा है कि यह सब केवल दिखावा था।


असली मकसद गारनेट के अन्य कारोबारियों पर दबाव बनाना और उनसे मोटी रकम वसूलना था। एक आईपीएस अधिकारी ने एक नेता के कहने पर एक संदिग्ध व्यक्ति पर इतना भरोसा कैसे कर लिया, यह पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।





aa0e2bf9c0f2b90436755bef8658ec09 (1)


​लग्जरी गाड़ियां, नोटों के बंडल और रसूख का प्रदर्शन

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो अजय पांचाल के रसूख की गवाही दे रहे हैं। ​पांचाल जिस लग्जरी एसयूवी का उपयोग करता था, उस पर विधायक लिखा हुआ था, जबकि गाड़ी पीरूलाल सेन के नाम पंजीकृत है।



विधायक मीणा के बेटे के साथ पांचाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे नोट गिनते नजर आ रहे हैं। पांचाल अक्सर पुलिस अधिकारियों के जन्मदिन मनाते हुए और उनके साथ रील बनाते हुए फोटो साझा करता था, जिससे माफिया जगत में अपनी धाक जमा सके।





Screenshot 2026-04-06 151300


​पांचालय पर पहले भी लग चुके आरोप

​गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में अजय पांचाल, पिंटू, कालू गुर्जर और नंद सिंह में से तीन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पांचाल पर 2021 में एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये हड़पने और उसे हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर अतिरिक्त पैसे वसूलने का मामला भी दर्ज है।





Screenshot 2026-04-06 151758


​पुलिस अधीक्षक का पक्ष

भीलवाड़ा आईपीएस धर्मेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधि अक्सर समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय आते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि विधायक गोपीचंद मीणा करीब 4-5 माह पहले पांचाल के साथ आए थे। उन्होंने कुछ जानकारी साझा की थी।



इसके आधार पर आईपीएस माधव उपाध्याय को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। एसपी ने कहा कि अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है।



वो तीन सवाल, जो मांगते हैं जवाब

क्या विधायक गोपीचंद मीणा अपने प्रतिनिधि पांचाल की इन काली करतूतों से अनजान थे?



​अवैध वसूली की यह करोड़ों की राशि किन-किन सफेदपोशों और पुलिस अधिकारियों की जेब तक पहुंची?



​क्या पुलिस प्रशासन अब अपराधियों के मुखबिर बनने के नाम पर चल रहे सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त कर पाएगा?



ये भी पढे़:-

ढाई साल बाद भजनलाल को मिला भाजपा का कमरा नंबर 5, कार्यालय से वसुंधरा राजे युग का अंत



सालासर मंदिर में बाउंसरों की दबंगई, हरियाणा से आए भक्तों को पीटा



भूमि कंवर्जन में बड़ा फर्जीवाड़ा, 238 म्यूटेशन भर दिए, 40 नामांतरण खारिज, एक बाबू सस्पेंड



सीमा पर ड्रोन तस्करी बढ़ी, डेढ़ साल में 175 करोड़ की हेरोइन जब्त, सुरक्षा चक्र को चुनौती



Tags:
  • अजय पांचाल
  • भाजपा विधायक गोपीचंद मीणा
  • आईपीएस माधव उपाध्याय
  • आईपीएस धर्मेंद्र सिंह यादव
  • गारनेट का अवैध कारोबार