अब बूंदी के नैनवा स्कूल में छत गिरी, छात्रों में दहशत, पिछले हादसों से भी नहीं ले रहे सबक

Amit Baijnath Garg | Aug 22, 2025, 14:51 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा कस्बे के बालिका स्कूल में छत गिरने से बच्चों में दहशत, हालातों पर फिर उठे सवाल, अधिकारियों की लापरवाही एक बार फिर उजागर।

राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा कस्बे के राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को एक कमरे की छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि उस समय छात्राएं स्कूल में मौजूद नहीं थीं, वरना एक बड़ा स्कूल हादसा हो सकता था। इस घटना ने बच्चों और उनके अभिभावकों में दहशत पैदा कर दी है।



प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने बताया कि जब स्कूल स्टाफ ने स्कूल पहुंचकर गिरी हुई छत देखी, तो वे हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत छात्राओं को स्कूल न आने की सलाह दी और उच्च अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया। घटना की सूचना पर सीबीईओ अनिल गोयल मौके पर पहुंचे और कमरे को गिराने का आदेश दिया। प्रशासन का कहना है कि जिस कमरे की छत गिरी, उसमें कोई कक्षा नहीं लगती थी और इसे स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।



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शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर

बूंदी जिले में लगातार हो रहे हादसे शिक्षा विभाग की लापरवाही की ओर इशारा करते हैं। 15 अगस्त को बूंदी शहर में एक निजी स्कूल की फॉल्स सीलिंग गिरने से पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा, नैनवा रोड स्थित प्राइमरी स्कूल में बुधवार को छत का प्लास्टर गिरा। अब नैनवा बालिका स्कूल में छत गिरने की घटना ने शिक्षा विभाग की मॉक मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस को उजागर कर दिया है।



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सरकार की लापरवाही और बच्चों की सुरक्षा

हालात ऐसे हैं कि शिक्षा विभाग की लापरवाही बच्चों के लिए जीवन और मौत का सवाल बन गई है। जब तक स्कूलों के भवनों की सही मॉनिटरिंग और मरम्मत नहीं की जाती, तब तक इन हादसों को रोका नहीं जा सकता। अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों की जान हमेशा खतरे में रहती है।



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मुख्य बिंदु

  • घटना : नैनवा बालिका स्कूल में छत गिरने की घटना।
  • बच्चों की सुरक्षा : छत गिरने से कोई बच्चा घायल नहीं हुआ, लेकिन दहशत बढ़ी।
  • शिक्षा विभाग की लापरवाही : पिछले कुछ महीनों में कई हादसे सामने आए।
  • कागजी कार्रवाई : जांच और कार्रवाई कागजों तक ही सीमित।

FAQ

  1. Q1: नैनवा बालिका स्कूल में छत गिरने की घटना कैसे हुई?
    नैनवा बालिका स्कूल में शुक्रवार को एक कमरे की छत अचानक गिर गई। उस समय छात्राएं स्कूल में मौजूद नहीं थीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
  2. Q2: क्या छत गिरने से छात्रों को कोई चोट आई?
    नहीं, गनीमत रही कि उस समय छात्राएं स्कूल में मौजूद नहीं थीं। किसी को चोट नहीं आई।
  3. Q3: शिक्षा विभाग इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
    शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

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