किसानों की 'कर्ज माफी' पर ब्रेक, बेनीवाल के सवाल पर सीतारमण ने किया साफ इनकार, राजस्थान पर 1.92 लाख करोड़ का कर्ज!

Ashish Bhardwaj | Mar 23, 2026, 19:40 IST
Photograph: (the sootr)
केंद्र सरकार ने किसानों की कर्ज माफी की उम्मीदों पर रोक लगाते हुए कहा कि कोई योजना विचाराधीन नहीं है। राजस्थान में किसानों पर 1.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, और कर्ज बांटने का आंकड़ा हर साल 15% बढ़ रहा है। सरकार अन्य मदद योजनाओं पर जोर दे रही है।

News In Short

  • केंद्र ने किसानों की कर्ज माफी की उम्मीदों पर लगाई रोक, सीतारमण ने किया साफ इनकार।
  • राजस्थान के किसानों पर 1.92 लाख करोड़ का कर्ज, देश में छठे स्थान पर।
  • केंद्र सरकार ने कर्ज माफी की बजाय अन्य योजनाओं के माध्यम से मदद देने की बात की।
  • राजस्थान में हर साल किसानों को बांटे जाने वाले कर्ज में 15 फीसदी की वृद्धि।
  • राजस्थान में किसानों के लिए राहत की उम्मीदों पर लगा विराम।

News In Detail

किसानों की कर्ज माफी की उम्मीदों पर केंद्र सरकार ने झटका दिया है। लोकसभा में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की पूर्ण कर्ज माफी के लिए कोई योजना नहीं है। यानी अभी किसानों को कर्ज माफी की राहत नहीं मिलेगी।



खास बात यह कि अकेले राजस्थान के किसानों पर 1.92 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बोझ है, जो देशभर में छठा सबसे बड़ा आंकड़ा है।



राजस्थान के किसानों पर कर्ज

31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के किसानों पर कुल 1,92,293 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। देशभर में कुल 31.34 लाख करोड़ का किसान कर्ज है, जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी करीब 6 फीसदी है।


इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा कॉमर्शियल बैंकों का है, जो लगभग 1 लाख 44 हजार 192 करोड़ रुपये है। इसके अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का 30,069 करोड़ और सहकारी बैंकों का 18,032 करोड़ रुपये बकाया है। सबसे बड़ा बोझ कॉमर्शियल बैंकों का है। यानी जहां ब्याज दरें सबसे ज्यादा होती हैं, वहीं किसान सबसे अधिक फंसे हुए हैं।



देश में राजस्थान का छठा स्थान, तमिलनाडु नंबर एक

राजस्थान देश में कर्ज के मामले में छठे स्थान पर है। राज्य का कुल कर्ज 1.92 लाख करोड़ रुपये है। तमिलनाडु, 5.06 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ पहले स्थान पर है, इसके बाद आंध्र प्रदेश 3.75 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ दूसरे स्थान पर है। महाराष्ट्र 3.07 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि कर्नाटक 2.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ चौथे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश इस सूची में पांचवें स्थान पर है, जबकि राजस्थान 1.92 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ छठे स्थान पर आता है।



हर साल बढ़ता कर्ज का मर्ज

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि किसानों को बांटे जाने वाले कर्ज का आंकड़ा साल-दर-साल 15 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। राजस्थान में 2022-23 में किसानों को 1,41,612 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 1,53,593 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,68,545 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी तीन साल में किसानों को बांटा गया कर्ज करीब 27,000 करोड़ बढ़ गया।



सरकार ने कहा "माफी नहीं, मदद पर जोर"

वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार सीधे कर्ज माफ करने के बजाय अन्य योजनाओं के जरिए किसानों को संबल दे रही है। जैसे कृषि एवं सहायक कृषि कार्यों के लिए शॉर्ट टर्म लोन की सीमा 1.60 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत सीधे बैंक खातों में कैश ट्रांसफर किया जा रहा है। फसल बीमा के नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है।



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