भर्तियों के नियम में हुआ बड़ा बदलाव, 10वीं पास के लिए भी अनिवार्य होगा CET

Ashish Bhardwaj | Jul 20, 2026, 15:08 IST
अब CET हुई जरूरी
राजस्थान सरकार ने अब 10वीं पास भर्तियों के लिए CET अनिवार्य करने की तैयारी कर ली है। इससे वनरक्षक, चपरासी जैसी भर्तियां भी इसके दायरे में आ जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान सरकार 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए भर्तियों में CET अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है।
  • वनरक्षक, लैब असिस्टेंट, आबकारी सिपाही और चपरासी जैसी भर्तियों को कॉमन टेस्ट के दायरे में लाया जाएगा।
  • CET लागू होने पर उम्मीदवारों को अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाओं से राहत मिलेगी।
  • एक ही सीईटी स्कोर से कई भर्तियों के लिए आवेदन का मौका मिलेगा।
  • परीक्षा में सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित, भाषा और कंप्यूटर से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

राजस्थान सरकार 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए निकलने वाली भर्तियों में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। आने वाले समय में 10वीं पास के लिए निकलने वाली सरकारी भर्तियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी सीईटी (CET – Common Eligibility Test) पास करना अनिवार्य हो सकता है।



राज्य सरकार अब 10वीं स्तर का अलग सीईटी आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।



इन भर्तियों पर पड़ेगा असर

जानकारी के मुताबिक वनरक्षक, लैब असिस्टेंट, आबकारी सिपाही और चपरासी समेत 10वीं योग्यता वाली कई भर्तियों को सीईटी के दायरे में लाने की तैयारी चल रही है।



जो भी उम्मीदवार इन भर्तियों के लिए आवेदन करना चाहेंगे, उन्हें अब अलग-अलग परीक्षाओं की बजाय सिर्फ एक ही सीईटी परीक्षा पास करनी होगी।



अलग-अलग परीक्षाओं से मिलेगी राहत

सीईटी लागू होने के बाद इन भर्तियों के लिए अलग-अलग लिखित परीक्षाओं की जरूरत खत्म हो जाएगी। एक ही सीईटी स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों की 10वीं स्तर की भर्तियों में आवेदन का मौका मिलेगा।



सरकार का मकसद कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट लागू करके भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, आसान और समयबद्ध बनाना है। जानकारी के अनुसार जल्द ही 10वीं स्तर के सीईटी और इससे जुड़ी भर्तियों को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।



उम्मीदवारों को होंगे ये फायदे

सीईटी लागू होने से उम्मीदवारों को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ही कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट देकर उम्मीदवार कई भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे।



इसके लागू होने से अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाओं की संख्या भी कम हो जाएगी। यानी उम्मीदवारों को बार-बार अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षा पास करने की टेंशन से राहत मिलेगी।



इसके अलावा इससे उम्मीदवारों का समय और खर्चा दोनों बचेगा। साथ ही पूरी भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है।



परीक्षा में पूछे जाएंगे ये विषय

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट में उम्मीदवारों से सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित, भाषा और कंप्यूटर से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह परीक्षा हर साल आयोजित की जाएगी, जिससे उम्मीदवारों को नियमित अंतराल पर मौका मिलता रहेगा।



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