चित्तौड़गढ़ दुर्ग के ऐतिहासिक जैन मंदिर से अष्टधातु मूर्तियां और 4 किलो चांदी चोरी, केबिन में सोता रहा चौकीदार
News In Short
- चित्तौड़गढ़ किलाके मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चोरों ने लगाई सेंध।
- चोरों ने मंदिर के पांच ताले तोड़कर मूर्तियां और चांदी के जेवरात चुराए।
- चोरी के समय मंदिर के पास तैनात चौकीदार सोता हुआ पाया गया।
- यह घटना मल्लिनाथ मंदिर से चौथी बार चोरी की वारदात है।
- पुलिस ने घटना की जांच के लिए एमओबी टीम बुलाई और साक्ष्य जुटाने में जुट गई।
News In Detail
Chittorgarh: विश्व विरासत में शामिल चित्तौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दुर्ग स्थित ऐतिहासिक मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर भगवान की कीमती अष्टधातु की प्रतिमाएं और चांदी के जेवरात चुरा लिए। वारदात के समय मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर पुरातत्व विभाग का चौकीदार तैनात था, लेकिन उसे भनक तक नहीं लगी।
5 ताले तोड़कर गर्भगृह में घुसे चोर
चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। मंदिर के मुख्य गेट पर लगे तीन तालों को तोड़ने के बाद चोरों ने अंदर के दो और ताले तोड़े। चोरों ने भगवान महावीर स्वामी और शांतिनाथ भगवान की 9 इंच की अष्टधातु की दो प्रतिमाएं चुरा लीं। करीब 4 किलो चांदी से निर्मित 9 छत्र, 2 सिंहासन, 2 प्लेट और 2 चंवर भी गायब हैं। चोरों ने मंदिर की बेदी से पांच पंचमेरू उठाए और दानपात्र (गल्ला) तोड़कर उसमें रखी नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया।
30 कदम दूर सोता मिला सुरक्षाकर्मी
हैरानी की बात यह है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से कीर्ति स्तंभ के पास ही सुरक्षाकर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी रहती है। मंदिर से महज 30-40 कदम की दूरी पर केबिन बना हुआ है। शुक्रवार सुबह सवा पांच बजे जब समाज के लोग पूजा करने पहुंचे और ताले टूटे देख चौकीदार के पास गए, तो वह गहरी नींद में सोता हुआ मिला।
चौथी बार निशाना बना यह मंदिर
दिगंबर जैन समाज के महेंद्र टोंग्या ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी तीन बार इस मंदिर को चोर निशाना बना चुके हैं। पिछली बार हुई चोरी के बाद भी काफी हंगामा हुआ था, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।
साक्ष्य जुटाने में जुटी MOB टीम
सूचना मिलने पर पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह और कोतवाली थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने के लिए एमओबी (MOB) की टीम को बुलाया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। समाज के लोगों ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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