निर्वाचन आयोग का बड़ा स्पष्टीकरण, ट्रांसफर कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी
समझें क्या है पूरा मामला
- ट्रांसफर वाले कर्मचारियों को 24 अगस्त तक राहत।
- आचार संहिता में अटकी ज्वाइनिंग को मिली मंजूरी।
- नवनियुक्त कर्मचारियों की ज्वाइनिंग भी जारी रहेगी।
- राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन।
- कर्मचारियों और विभागों का असमंजस हुआ दूर।
राजस्थान में आचार संहिता लगने के बाद उन कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई थी, जिनके ट्रांसफर चुनाव घोषणा से पहले हुए थे लेकिन उन्होंने नए पदों पर ज्वाइनिंग नहीं दी थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने अब ऐसे कर्मचारियों को 24 अगस्त तक ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया है। इसके अलावा नई भर्तियों की ज्वाइनिंग पर भी कोई रोक नहीं रहेगी।
नवनियुक्त कर्मचारियों को भी मिलेगी राहत
इसके साथ ही उन नवनियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों को भी राहत दी गई है, जिनका नियुक्ति आदेश आचार संहिता लागू होने से पहले हो चुका था, लेकिन उन्होंने अब तक नौकरी ज्वाइन नहीं की थी। ऐसे कर्मचारियों को सरकार या संबंधित विभाग अब ज्वाइनिंग करवा सकता है।
अगस्त में जारी हुई थीं बड़ी तबादला सूचियां
दरअसल अगस्त महीने में बड़ी संख्या में पुलिस, बिजली, मेडिकल, नगरीय निकाय समेत कई अन्य विभागों और स्ववित्त पोषित संस्थाओं यानी ऑटोनोमस बॉडी में तबादला और प्रमोशन की सूचियां जारी हुई थीं। लेकिन कई अधिकारी-कर्मचारी ट्रांसफर होने या प्रमोट होकर मिले नए पदों पर अब तक ज्वाइन नहीं कर पाए थे। इसी वजह से इन अधिकारियों की ज्वाइनिंग का मामला अटका हुआ था।
विभागों ने मांगा था आयोग से मार्गदर्शन
इस स्थिति को देखते हुए अलग-अलग विभागों की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया था। इसके जवाब में आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग हो चुके हैं और उन्होंने अब तक ज्वाइन नहीं किया है, वे 24 अगस्त तक ज्वाइन कर सकते हैं। इससे उन कर्मचारियों की परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी, जो आचार संहिता की वजह से असमंजस में थे।
नई भर्तियों की ज्वाइनिंग पर नहीं लगेगी रोक
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में भर्ती की पूरी प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और विभाग की ओर से चयनित अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग के आदेश आचार संहिता लागू होने से पहले जारी किए जा चुके हैं, ऐसे मामलों में अभ्यर्थी की ज्वाइनिंग पर कोई रोक नहीं रहेगी। यानी जिन अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति आदेश पहले से तय था, वे बिना किसी रुकावट के नौकरी ज्वाइन कर सकेंगे।
कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह स्पष्टीकरण
निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के बाद कई विभागों में प्रशासनिक कामकाज को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। आयोग के इस स्पष्टीकरण से अब कर्मचारियों और विभागों दोनों को साफ दिशा-निर्देश मिल गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज में आ रही रुकावट भी दूर होगी।
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