गहलोत का जितना स्नेह वैभव से, उतना ही मुझसे, सचिन पायलट का आया बड़ा बयान
पांच प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला
- स्वर्गीय राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा के भंडाना में भव्य सर्वधर्म प्रार्थना सभा।
- कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपने पिता राजेश पायलट को दी भावभीनी श्रद्धांजलि।
- सचिन पायलट ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के साथ अपने रिश्तों पर बड़ा बयान दिया।
- सचिन बोले, गहलोत का जितना स्नेह अपने बेटे वैभव के साथ, उतना ही मेरे साथ भी।
- कांग्रेस नेता बोले, हम सब कांग्रेस के अनुशासित सिपाही, पूरी तरह एकजुट हैं।
Dausa: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दौसा के भंडाना स्थित राजेश पायलट स्मृति स्मारक पर एक भव्य सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र और कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने अपने पिता को पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान उनके साथ दोनों पुत्र आरान पायलट और विहान पायलट भी मौजूद रहे। प्रार्थना सभा के बाद मीडिया से मुखातिब हुए सचिन पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ अपने रिश्तों पर बड़ा बयान दिया और साथ ही केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
गहलोत के स्नेह पर पायलट का बयान
लंबे समय से राजस्थान कांग्रेस में चली आ रही खींचतान की खबरों के बीच सचिन पायलट का एक बेहद सकारात्मक बयान सामने आया।
पायलट ने कहा, अशोक गहलोत का स्नेह और लगाव जैसा उनके अपने बेटे वैभव गहलोत के साथ है, ठीक उतना ही स्नेह, आशीर्वाद और लगाव मेरे साथ भी है। हम सब कांग्रेस के अनुशासित सिपाही हैं, पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं।
गहलोत ने हाल ही मानेसर कांड को लेकर फिर बयान देकर सचिन पायलट को निशाना बनाया था। लेकिन, पायलट ने इस बयान को नजरअंदाज कर गहलोत के पक्ष में वक्तव्य दिया है। पायलट के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक अपने नजरिए से देख रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि पायलट का बयान आगामी चुनावों से पहले राजस्थान कांग्रेस में एकजुटता दिखाने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
नीट पेपर लीक और केंद्र सरकार पर तीखा हमला
श्रद्धांजलि सभा के बाद सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में हुए नीट (NEET) परीक्षा विवाद को उठाते हुए कहा कि देश में लगातार दर्जनों पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे देश के करीब 22 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक गया है।
पायलट ने कहा कि चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार के राज में आज किसान की आमदनी आधी रह गई है।
तेल, डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ आज पूरा विपक्ष और इंडिया अलायंस एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है।
सत्ता के केंद्र को लेकर असमंजस
सचिन पायलट ने राजस्थान की वर्तमान भजनलाल सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन भ्रष्टाचार के नए-नए खुलासे हो रहे हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में आपसी खींचतान इतनी चरम पर है कि मंत्रियों और नेताओं में इस बात का असमंजस है कि आखिर सत्ता का असली केंद्र कौन है? इस प्रशासनिक विफलता का खामियाजा जनता भुगत रही है। प्रदेश में खुलेआम लूटपाट, अत्याचार और गोलियां चल रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
पायलट ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद राज्य सरकार निकाय और पंचायत चुनाव टालने के बहाने ढूंढ रही है, क्योंकि सरकार जनता के आक्रोश और अपनी हार से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में मनरेगा (NREGA) जैसी जनकल्याणकारी योजना को बंद करके नए नाम से शुरू करने की साजिश रची जा रही है। मुख्यमंत्री और सरकार का यह बयान कि किसान सिर्फ 20 दिन काम करता है, उनकी घोर किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान
सचिन पायलट ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह पर की जाने वाली राजनीति को लेकर भी भाजपा को घेरा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए 12 साल होने को आए हैं, लेकिन आज भी वे अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इतिहास को कोस रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश में मोहब्बत की दुकान खोलने का जो संदेश दिया था, आज हर पीढ़ी का कांग्रेस कार्यकर्ता उसी मुहिम को आगे बढ़ा रहा है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर पायलट ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए ऐलान किया कि कांग्रेस इस असंवैधानिक कदम के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
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