कांस्टेबल भर्ती परीक्षा : राजस्थान में दो सेंटर्स पर पेपर की अदला-बदली, डमी कैंडिडेट भूपेंद्र गिरफ्तार
राजस्थान में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान रविवार को दो सेंटरों पर पेपर की अदला-बदली होने से हड़कंप मच गया। परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और परीक्षा केंद्रों में हलचल बढ़ गई। इस घटना ने परीक्षा की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि बाद में परीक्षा शुरू हुई और परीक्षार्थियों को समय का अतिरिक्त लाभ दिया गया।
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कहीं गलती से बदला गया प्रश्न-पत्र
श्रीगंगानगर जिले में 24 परीक्षा केंद्रों पर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। पहले पारी में प्रश्न-पत्रों के बॉक्स अपने तय समय पर और प्रोटोकॉल के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे, लेकिन दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गलती के कारण प्रश्न-पत्र बॉक्स एक-दूसरे के परीक्षा केंद्रों में पहुंच गए। गुरु नानक खालसा सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के प्रश्न-पत्र बॉक्स एसजीएन खालसा महाविद्यालय में पहुंच गए और इसके विपरीत भी हुआ।
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प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता बनी रही
इस प्रक्रिया में सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया और प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित की गई। अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद परीक्षा की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने पाई। पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
डमी कैंडिडेट भूपेंद्र गिरफ्तार
परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। डमी कैंडिडेट जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी परीक्षा देने के लिए पहुंचा था, जिसे बायोमेट्रिक उपयोग के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले वह डीएएलईडी परीक्षा में डमी कैंडिडेट के रूप में बैठा था।
FAQ
- 1. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर की अदला-बदली कैसे हुई?
श्रीगंगानगर जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र बॉक्स में लेबल कोड में तकनीकी गलती के कारण पेपर की अदला-बदली हुई। - 2. परीक्षा में देरी क्यों हुई?
पेपर की अदला-बदली और प्रक्रिया में समय लगने के कारण परीक्षा में 20 मिनट की देरी हुई, जिसके बाद परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया। - 3. क्या परीक्षा की गोपनीयता बनी रही?
हां, सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी की गई, जिससे गोपनीयता बनाए रखने में कोई समझौता नहीं हुआ।