भाजपा नेता सतीश पूनिया के स्वागत में नहीं आने पर दलित छात्र की पिटाई, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर आरोप
राजस्थान के जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय परिसर में एक दलित छात्र की पिटाई को लेकर बवाल हो गया। पिटाई करने वाले छात्र अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कैंपस में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया का स्वागत कार्यक्रम रखा गया था।
उक्त कार्यक्रम में पीड़ित छात्र के नहीं आने से गुस्साए छात्रों ने हॉस्टल में जाकर उसकी जमकर धुनाई कर दी। गंभीर चोट आने पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एससी-एसटी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
दलित छात्रों में गुस्सा
दलित छात्र की पिटाई मामले में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय कैंपस में बवाल थम नहीं रहा है। सतीश पूनिया का स्वागत कार्यक्रम कैंपस में रखा गया था, जहां परिषद के कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के सभी छात्रों को बुलाया था, लेकिन कमल किशोर कार्यक्रम में नहीं आया।
आरोप है कि कार्यक्रम की समाप्ति के बाद पूर्व छात्र नेता रविंद्र सिंह बांता सहित अन्य लोग कमल किशोर के कमरे में पहुंचे और उसके साथ जमकर मारपीट की। हॉस्टल के दूसरे छात्रों ने शोर सुना तो वे कमरे में पहुंचे और कमल को बचाया। बेहोशी की हालत में कमल को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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स्वागत कार्यक्रम में बुलाया, नहीं गया तो मारा
पीड़ित छात्र कमल किशोर ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बीएससी फाइनल ईयर का छात्र है। पीड़ित के अनुसार, सुबह 10:30 बजे जब वह अपने हॉस्टल के कमरे में लेटा हुआ था, तभी परिषद से जुड़े हुए छात्र हॉस्टल में आए और उन्होंने बीजेपी नेता सतीश पूनिया के स्वागत के लिए सभी स्टूडेंट्स को बुलाया।
हमले के विरोध में दिखा गुस्सा
फिलहाल घायल कमल का जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। मारपीट को लेकर दलित वर्ग के छात्र भी गुस्से में नजर आए। किसी तरह के विवाद को देखते हुए पुलिस ने मौके पर गुस्साए छात्रों को शांत कराया। कमल की शिकायत पर हमलावर रविन्द्र सिंह समेत अन्य के खिलाफ पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
FAQ
- 1. सतीश पूनिया के स्वागत में न जाने पर दलित छात्र की पिटाई क्यों की गई?
दलित छात्र ने सतीश पूनिया के स्वागत कार्यक्रम में नहीं भाग लिया, जिसके बाद ABVP के कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई की। - 2. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने पीड़ित छात्र की शिकायत पर आरोपी छात्र नेताओं के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। - 3. क्या दलित छात्र की चोटें गंभीर थीं?
हां, दलित छात्र की हाथ की अंगुली में फ्रैक्चर हो गया और उसे पसलियों तथा पेट के आसपास गंभीर चोटें आईं।