क्यों उठ रही शीतल-मनोज मौत मामले में सीबीआई जांच की मांग, जानिए पूरा मामला?
समझें क्या है पूरा मामला
- दौसा में जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की मौत और मनोज मीणा की आत्महत्या का मामला।
- शीतल के भाई ने मनोज पर प्रताड़ित और जहर देकर हत्या करने का लगाया था आरोप।
- मनोज ने सुसाइड नोट में नायब तहसीलदार और उसके जीजा को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया।
- पुलिस ने शीतल की मौत को जहर से होना पुष्टि किया, मनोज का सुसाइड नोट मिला है।
- दोनों मौतों की सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है।
दौसा जिले के सिकराय उपखंड स्थित उपकोष कार्यालय में जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा (25) की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने उपकोषाधिकारी मनोज मीणा (45) पर हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई।
इसके अगले दिन मनोज मीणा ने सिंदूकी गांव स्थित अपने घर पर फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। उनका एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उन्होंने भुसावर के नायब तहसीलदार अरुण RTS और उसके जीजा सोनू पर अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
अब राजस्थान एकाउंटेंट एसोसिएशन ने दोनों मौतों की CBI जांच की मांग की है।
10 जून की शाम से शुरू हुई थी घटना
10 जून की शाम करीब 5 बजे शीतल मीणा ड्यूटी के दौरान अचानक बीमार पड़ गईं। वह कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठ गईं। स्टाफ ने तुरंत उन्हें उप जिला हॉस्पिटल पहुंचाया।
वहां उन्होंने डॉक्टर को बताया कि बादाम शेक पीने के बाद पेट दर्द और घबराहट शुरू हुई। उल्टी में आई तेज दुर्गंध से डॉक्टरों को जहरीला पदार्थ खाने का संदेह हुआ। हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में जहर से मौत की पुष्टि हुई है।
शीतल के भाई ने दर्ज कराई FIR
11 जून को शीतल मीणा के भाई मोहनलाल ने मानपुर थाने में मनोज मीणा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप था कि उनकी बहन को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और जहर देकर हत्या की गई।
पुलिस ने ट्रेजरी कार्यालय का मुआयना किया। वहां से शीतल की स्कूटी और एक टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसे अहम सबूत माना जा रहा है।
मनोज मीणा ने क्या कहा था?
उपकोषाधिकारी मनोज मीणा ने सभी आरोपों को गलत बताया था। उनका कहना था कि 10 जून को दोपहर करीब 3 बजे ADM (Additional District Magistrate) की इंस्पेक्शन टीम सहित सात लोगों ने मिलकर बादाम शेक पिया था। उन्होंने कहा कि कार्यालय में कोई विवाद या तनाव नहीं था।
FIR दर्ज होते ही अगली सुबह मिला शव
FIR दर्ज होने के बाद गुरुवार रात मनोज मीणा अपने घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी पीहर गई हुई थी और बार-बार फोन करने पर फोन नहीं उठा। शुक्रवार सुबह किराएदार को कमरे में देखने भेजा गया तो मनोज फंदे से लटके मिले। महवा SHO महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सुसाइड नोट भी मिला है।
सुसाइड नोट में किस पर लगाया दोष
मनोज मीणा ने सुसाइड नोट में लिखा - पापा... मेरी मौत का जिम्मेदार अरुण RTS और उसका जीजा सोनू हैं। अरुण भुसावर, भरतपुर के नायब तहसीलदार हैं। उन पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं।
CBI जांच की मांग
राजस्थान एकाउंटेंट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष निरंजन मीणा ने शीतल मीणा-मनोज मीणामौतों की CBI (Central Bureau of Investigation) जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि लेखा संवर्ग में शोक और चिंता का माहौल है। मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अन्य कारण हों तो जवाबदेही तय हो सके।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
मानपुर थाना अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि FSL टीम की सहायता से जांच की जा रही है। शीतल के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से SMS अस्पताल जयपुर में कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। महवा विधायक राजेंद्र मीणा भी जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
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