एयरबैग नहीं खुले, महिला की मौत के मामले में कंपनी पर 40 लाख का हर्जाना
Jageshwar prasad | Jun 14, 2026, 09:31 IST
एयरबैग फेल, कंपनी जिम्मेदार
राजस्थान के जयपुर उपभोक्ता आयोग ने एक्सीडेंट में एयरबैग नहीं खुलने से महिला की मौत पर मारुति सुजुकी को दोषी माना। कोर्ट ने परिजनों को 40 लाख क्षतिपूर्ति, 9% ब्याज और 1.25 लाख हर्जाना देने का आदेश दिया।
समझें क्या है पूरा मामला
- एयरबैग नहीं खुलने से महिला की मौत, कार कंपनी पर 40 लाख हर्जाना।
- जयपुर उपभोक्ता आयोग ने मारुति सुजुकी को सेवादोष के लिए जिम्मेदार माना।
- 4 मार्च 2025 को दिल्ली-जयपुर रोड पर हुआ था गंभीर हादसा।
- कंपनी को परिवाद तिथि से 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
- आयोग ने कंपनी पर 1.25 लाख रुपए का अतिरिक्त हर्जाना भी लगाया।
आयोग ने इसे निर्माण दोष माना और मृतका के परिजनों को 40 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया। इस राशि पर परिवाद दायर करने की तारीख से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा। साथ ही कंपनी पर 1.25 लाख रुपए का हर्जाना भी लगाया गया है।
क्या हुआ था 4 मार्च 2025 को?
एक्सीडेंट इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस पूरे हादसे में कार के एयरबैग एक बार भी नहीं खुले। प्रीति शर्मा को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार ने किस आधार पर की शिकायत
एयरबैग न खुलना वाहन का निर्माण दोष है। इसे आधार बनाकर परिजनों ने मारुति सुजुकी सहित अन्य पक्षकारों से क्षतिपूर्ति की मांग की थी।
आयोग ने क्या माना?
आयोग ने कहा कि यह वाहन की सुरक्षा और गुणवत्ता में कमी दर्शाता है। इसके लिए वाहन निर्माता कंपनी सीधे जिम्मेदार है।
कितना देना होगा मारुति को
क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण?
उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय बताता है कि वाहन निर्माताओं की जवाबदेही केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन की सुरक्षा प्रणाली की जिम्मेदारी भी उन पर है।
FAQ
- क्या एयरबैग न खुलने पर कार कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकते हैं?
हां, अगर दुर्घटना के समय सीट बेल्ट लगी होने के बावजूद एयरबैग नहीं खुला तो इसे वाहन का निर्माण दोष माना जाता है। जयपुर उपभोक्ता आयोग ने इसी आधार पर मारुति सुजुकी को दोषी मानते हुए 40 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। - एयरबैग किस स्थिति में खुलने चाहिए?
आमतौर पर एयरबैग तब खुलते हैं जब वाहन किसी ठोस चीज से निश्चित गति से टकराता है और वाहन में बैठे लोगों ने सीट बेल्ट लगाई हो। अगर इन दोनों शर्तों के बावजूद एयरबैग नहीं खुलते तो यह वाहन की सुरक्षा प्रणाली की विफलता मानी जाती है।
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