इंजेक्शन लगाते ही छूटने लगी थी कंपकंपी, राजस्थान ड्रग विभाग ने छह दवाओं के विशेष बैच की सप्लाई रोकी
Jageshwar prasad | Oct 19, 2026, 11:41 IST
कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद 6 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक
कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिलाओं को दवाओं से गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। इस घटना के कारण ड्रग विभाग ने 6 दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई है। पहले भी कोटा में प्रसूताओं की मौतें हो चुकी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत हुई। एक अन्य महिला की तबीयत भी बिगड़ गई। जांच में पता चला कि इंजेक्शन लगते ही महिलाओं को तेज कंपकंपी छूटने लगी थी। इसके बाद ड्रग विभाग ने 6 दवाओं के इस्तेमाल और सप्लाई पर रोक लगा दी। अब इन सभी दवाओं के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि मई में गर्भवती महिलाओं की मौतों (Maternal Death) के बाद दवाइयों पर ही शंका जताई गई थी, लेकिन दवाइयों से संबंधित कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आए थे। एक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन जरूर फेल मिला था, लेकिन उसे मौतों का कारण नहीं माना गया था। इस मामले में अब तक 7 मेडिकल डिवाइसेज के सैंपल कोलकाता लैब में पेंडिंग हैं।
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर प्रहलाद मीणा ने जानकारी दी है। रविवार को टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने पीड़ित मरीजों को दी गई दवाओं के सैंपल जुटाए। शुरुआत में एक आईवी फ्लूइड पर संदेह जताया गया था। लेकिन पहले की जांच रिपोर्ट में वह मानकों पर खरा पाया गया।
मीणा ने बताया कि अगर डॉक्टरों को दूसरी दवाओं पर भी शक है तो उनके सैंपल भी लिए जाएंगे। सोमवार को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (Oxytocin Injection) का सैंपल भी लिया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक रोशन को पुराने टांकों की जगह दर्द की शिकायत थी। इसलिए उन्हें लेबर रूम में भर्ती किया गया। वह कुपोषण से पीड़ित थीं। हालांकि सोनोग्राफी रिपोर्ट सामान्य आई थी। रात करीब 12 बजे दर्द बढ़ने पर डॉक्टरों ने सर्जरी की। सुबह लगभग 7 बजे अचानक उन्हें घबराहट और सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई। बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी। इससे स्थिति बिगड़ गई।
मई में भी प्रसूताओं की मौतों के बाद दवाइयों पर शंका जताई गई थी। लेकिन दवाइयों से जुड़ा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला था। एक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन जरूर फेल मिला था। लेकिन उसे मौतों का कारण नहीं माना गया था। इस मामले में अब तक 7 मेडिकल डिवाइसेज के सैंपल कोलकाता लैब में पेंडिंग हैं।
प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों का सिलसिला राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) के लिए पहेली बना हुआ है। मई से जून के बीच कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में कई मौतें हुई थीं। सरकार ने हर महिला को हाई रिस्क बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था। लेकिन अब फिर कोटा में उन्हीं परिस्थितियों में मौतें हुई हैं।
इससे चिकित्सा जगत में हड़कंप है। गायनी विभाग के डॉक्टर सहमे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ रेजिडेंट्स सीट छोड़ने तक का विचार कर रहे हैं। कुछ की मनोचिकित्सकों से काउंसलिंग तक कराई गई है। इन सब मामलों में एक बात आम है। सभी प्रकरणों में सिजेरियन प्रसव के बाद ही मौतें हुई हैं।
इन 6 दवाओं के विशेष बैच की सप्लाई पर लगी रोक
| क्र.सं. | उत्पाद / दवा का नाम | बैच नंबर |
| 1 | मेरोपेनम इंजेक्शन (1 ग्राम) | D0032631B |
| 2 | मेरोपेनम इंजेक्शन (1 ग्राम) | D0032640A |
| 3 | एनएस (NS) 100 एमएल | 2614041065 |
| 4 | हाइड्रोकोर्टिसोन सोडियम सक्सीनेट इंजेक्शन | HC125095 |
| 5 | डोपामाइन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन | DHA12505 |
| 6 | पेरासिटामोल इन्फ्यूजन | 26EPC013 |
ड्रग विभाग ने क्या कहा
मीणा ने बताया कि अगर डॉक्टरों को दूसरी दवाओं पर भी शक है तो उनके सैंपल भी लिए जाएंगे। सोमवार को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (Oxytocin Injection) का सैंपल भी लिया जाएगा।
रोशन की मौत पर डॉक्टरों ने क्या कहा?
मई में भी हुई थीं मौतें
सरकार पर सवाल
इससे चिकित्सा जगत में हड़कंप है। गायनी विभाग के डॉक्टर सहमे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ रेजिडेंट्स सीट छोड़ने तक का विचार कर रहे हैं। कुछ की मनोचिकित्सकों से काउंसलिंग तक कराई गई है। इन सब मामलों में एक बात आम है। सभी प्रकरणों में सिजेरियन प्रसव के बाद ही मौतें हुई हैं।
DRI की जांच में खुलासा: इंदौर के एक ज्वेलर्स ने ही बेचा तस्करी का 90 किलो सोना, कीमत 100 करोड़ रुपए
By Sanjay Gupta
जयपुर में 2 करोड़ के पन्ना रत्न चोरी, गुजरात की महिला गिरफ्तार; 200 CCTV कैमरों से मिला सुराग
By Jyoti Mahender Bhardwaj
दिवाली शॉपिंग में जयपुर का जलवा, राजकोट और अहमदाबाद के बाद तीसरा स्थान; बाजारों में बढ़ी रौनक
By Jyoti Mahender Bhardwaj
रावण नहीं, ऋषि-मुनियों को जलाओ... शिक्षक को फेसबुक पोस्ट करना पड़ा भारी, पुलिस ने दबोचा
By Harrison Masih
सलमान खान के पीछे क्यों पड़ा लॉरेंस गैंग? 8 साल की धमकियों, हमलों और विवाद की पूरी कहानी
By Jyoti Mahender Bhardwaj
छत्तीसगढ़ के राष्ट्रपति की चर्चा दिल्ली तक, राष्ट्रपति भवन पहुंचा मामला, जानिए अनोखी घटना
By Arun Tiwari
आपकी रसोई का घी कितना सुरक्षित? एमपी में घी के 50 से ज्यादा नमूने फेल, 8 की बिक्री पर लगी रोक
By Manya Jain