सीट कवर फाड़ने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई, स्कूल पर FIR दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- डीग के स्कूल में छात्र की पिटाई का मामला सामने आया।
- सीट कवर फाड़ने की शिकायत पर मारपीट का आरोप।
- बेहोश छात्र को भरतपुर किया गया रेफर।
- स्कूल संचालक और बस चालक पर FIR दर्ज।
- परिजनों के आरोपों की पुलिस कर रही जांच।
राजस्थान में डीग जिले के एक स्कूल में छात्र की बेरहमी से पिटाई का आरोप सामने आया है। सीट कवर फाड़ने की शिकायत पर यह मारपीट होने का दावा किया गया है। छात्र बेहोश हो गया और उसे भरतपुर रेफर किया गया। पुलिस ने स्कूल संचालक और बस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। परिजनों ने फर्जी नाम से भर्ती कराने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत के बाद हुई कथित पिटाई
डीग जिले के बृज नगर स्थित शनि मंदिर के पास गायत्री शिक्षा निकेतन स्कूल संचालित होता है। यहां 11वीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस की सीट का कवर फाड़ने और हैंगर तोड़ने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत पर स्कूल संचालक और बस चालक वासुदेव शर्मा ने छात्र प्रवीण कुमार को कथित तौर पर पीटा।
छात्र डभावली गांव का निवासी बताया जा रहा है। आरोप है कि उसे डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गया। एक छात्र के साथ इस तरह की कथित मारपीट ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी नाम से भर्ती कराने का आरोप
पीड़ित छात्र के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मारपीट के बाद छात्र की हालत बिगड़ी। इसके बाद उसे नजदीकी उपजिला चिकित्सालय ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए छात्र को कथित तौर पर किसी दूसरे नाम से भर्ती कराया गया।
परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें कई घंटों तक छात्र से मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को करीब चार से पांच घंटे तक एक कमरे में रखा गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि इस दौरान उसकी मेडिकल पर्ची भी फाड़ दी गई। परिजनों के अनुसार इस देरी की वजह से उन्हें छात्र की सही स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इनकी पुष्टि होना बाकी है।
सिर और कान में गंभीर चोट, भरतपुर रेफर
बताया जा रहा है कि छात्र के सिर, कान और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे लगातार चक्कर आने और बार-बार बेहोश होने की शिकायत रही। इसके बाद चिकित्सकों ने सिर में गंभीर चोट की आशंका जताई। हालत नाजुक होने पर उसे बृज नगर उपजिला चिकित्सालय से भरतपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। वहां फिलहाल उसका उपचार जारी है।
पुलिस जुटा रही सीसीटीवी और मेडिकल सबूत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल संचालक विपिन गर्ग और बस चालक वासुदेव शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के तहत स्कूल और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट यानी एमएलसी (MLC) भी जांच का हिस्सा है। अस्पताल के रिकॉर्ड तथा छात्रों और स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि परिजनों के सभी आरोपों की अलग-अलग जांच की जाएगी। इनमें फर्जी नाम से भर्ती कराना, साक्ष्य छिपाना और बंधक बनाकर रखना शामिल है। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। पुलिस ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
स्कूल संचालक का पूरा इनकार
इस पूरे मामले में स्कूल संचालक विपिन ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि बच्चे को सीट कवर फाड़ने के मामले में सिर्फ डांटा गया था। उनका कहना है कि छात्र के साथ कोई मारपीट नहीं की गई। परिजनों के आरोप और स्कूल संचालक की सफाई, दोनों बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि दोनों पक्षों में से किसका दावा सही है।
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