पैन कार्ड से फर्जीवाड़ा, फर्म के नाम पर 11.95 करोड़ का कारोबार
Ashish Bhardwaj | Jul 30, 2026, 13:28 IST
पैन कार्ड से फर्जीवाड़ा
राजस्थान में अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में एक युवक के पैन कार्ड के दुरुपयोग का मामला सामने आया। दिल्ली की एक फर्म पर उसके नाम से 11.95 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर युवक के PAN कार्ड से दिल्ली फर्म ने किया करोड़ों का कारोबार।
- पीड़ित के नाम पर 11.95 करोड़ रुपए के लेनदेन का आरोप।
- बिना जानकारी के PAN पर GST रजिस्ट्रेशन होने का दावा।
- पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर युवक ने कोर्ट का सहारा लिया।
- कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज, अब पुलिस कर रही जांच।
राजस्थान में अलवर के एक युवक के पैन कार्ड का कथित दुरुपयोग हुआ है। दिल्ली की एक फर्म ने उसके नाम पर करोड़ों का कारोबार दिखाया। पीड़ित ने पहले पुलिस में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का रुख किया। अदालत के आदेश पर अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैन कार्ड पर बिना बताए हुआ पंजीकरण
पुलिस ने कहा, प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला
थानाधिकारी सैनी ने बताया कि पुलिस कई पहलुओं की जांच करेगी। पहला, शिकायतकर्ता के पैन कार्ड पर जीएसटी (GST) पंजीकरण किस तरह हुआ। दूसरा, कथित फर्जी कारोबार आखिर किसने किया। तीसरा, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसका भी पता लगाया जाएगा। यह जांच बताएगी कि किसी और के पैन कार्ड पर आसानी से पंजीकरण कैसे हो गया।
सीए के पास जाने पर हुआ खुलासा
इसके बाद अंकित ने जीएसटी और आयकर विभाग की वेबसाइट से जानकारी जुटाई। पता चला कि दिल्ली स्थित एक फर्म कथित रूप से उनके पैन कार्ड का उपयोग कर रही है। आरोप है कि यह फर्म 28 मार्च 2023 से इस पैन कार्ड पर कारोबार कर रही थी। यानी करीब दो साल से यह कथित फर्जीवाड़ा चल रहा था, जबकि पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं थी।
करीब 12 करोड़ का लेनदेन दर्ज होने का आरोप
कभी नहीं कराया जीएसटी पंजीकरण
जबकि जीएसटी रिकॉर्ड में अलग मोबाइल नंबर दर्ज है। साथ ही उसमें कोटक महिंद्रा बैंक की दिल्ली शाखा का खाता भी दर्ज है। अंकित ने आशंका जताई कि इसमें फर्म से जुड़े लोगों के साथ कुछ विभागीय अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। हालांकि यह अभी तक सिर्फ आरोप है, जिसकी जांच बाकी है।
पुलिस तक नहीं हुई सुनवाई, फिर पहुंचे कोर्ट
इसके बाद उन्होंने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3, अलवर की अदालत में परिवाद दायर किया। न्यायालय के निर्देश पर ही अरावली विहार थाना पुलिस ने आखिरकार मामला दर्ज किया। अब आगे की जांच पुलिस के हाथ में है। पीड़ित को उम्मीद है कि जांच में असली जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी।
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