होटल देसी ठाठ पर हाईकोर्ट सख्त; कंज्यूमर कोर्ट के आदेश पर रोक, तीसरी बार लगी सील
News In Short
- राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के होटल देसी ठाठ को तीसरी बार सील करने का आदेश दिया।
- हाईकोर्ट ने जयपुर कंज्यूमर कोर्ट के सील खोलने के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
- हाईकोर्ट ने जयपुर कंज्यूमर कोर्ट के सील खोलने के आदेश को क्षेत्राधिकार का उल्लंघन माना।
- यूआईटी ने सील की कार्रवाई सिलीसेढ़ क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों की पालना में की थी।
- दिसंबर 2025 से अब तक यह होटल अदालती आदेशों के कारण तीन बार सील और दो बार खुल चुका है।
News In Detail
Alwar: राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिलीसेढ़ क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे होटल देसी ठाठ के खिलाफ नगर विकास न्यास (UIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को इस होटल को तीसरी बार सील कर दिया गया। हाईकोर्ट ने जयपुर कंज्यूमर कोर्ट द्वारा होटल की सील खोलने के आदेश को क्षेत्राधिकार से बाहर मानते हुए उस पर रोक लगा दी है।
क्षेत्राधिकार का उल्लंघन
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जयपुर कंज्यूमर कोर्ट के 16 जनवरी और 12 फरवरी के आदेशों पर तत्काल प्रभाव से स्टे लगा दिया। यूआईटी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि कंज्यूमर कोर्ट को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करने और सील खोलने के आदेश देने का कानूनी अधिकार नहीं है।
हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए न केवल होटल को एक बार फिरसील करने के आदेश दिए, बल्कि कंज्यूमर कोर्ट में चल रही आगामी सुनवाई पर भी पूरी तरह रोक लगा दी।
विवाद की पृष्ठभूमि
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। तब यूआईटी ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के पर्यावरण संरक्षण संबंधी आदेशों की पालना में अलवर की सिलीसेढ़ झीलक्षेत्र के 10 होटलों और रेस्टोरेंट्स को सील किया था। होटल देसी ठाठ भी इन्हीं में से एक था।
अदालतों के बीच शह-मात का खेल
होटल देसी ठाठ को सील करने और खोलने का सिलसिला पिछले कई महीनों से जारी है:
पहली सील: 4 दिसंबर 2025 को यूआईटी ने पहली बार कार्रवाई की।
पहली राहत: 6 दिसंबर को एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने संचालक की याचिका पर अस्थाई रूप से सील हटाने के आदेश दिए।
दूसरी सील: हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को एडीजे कोर्ट के आदेश को खारिज किया और 13 दिसंबर को होटल फिर से सील कर दिया गया।
दूसरी राहत: इसके बाद मामला जयपुर कंज्यूमर कोर्ट पहुंचा, जहां से 16 जनवरी को सील खोलने के आदेश मिले और 13 फरवरी को कोर्ट के हस्तक्षेप से सील खुलवा दी गई।
अब हाईकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सर्वोच्च अदालत और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना कर किसी भी अवैध गतिविधि को क्षेत्र में अनुमति नहीं दी जा सकती।
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