महंत देवानंद हत्याकांड में पुणे से 3 गिरफ्तार, VPN से छुपा रहे थे लोकेशन
समझें क्या है पूरा मामला
- महंत देवानंद महाराज की हत्याका मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा पुणे से गिरफ्तार।
- आरोपी अंकित बैरवा और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया।
- आदित्य की पत्नी ने खून से सने कपड़े धोकर सबूत मिटाने में मदद की।
- आरोपी वीपीएन बनाकर आपस में बात कर रहे थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो।
- हत्या के बाद सभी गोवा भागने की फिराक में थे, लेकिन पुणे में पकड़े गए।
कोटा के चंद्रेसल मठ के युवा संत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा और उसके बुआ के लड़के अंकित बैरवा को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया है।
आदित्य की पत्नी माइकल जॉर्ज को भी सबूत मिटाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है।
आरोपी VPN (Virtual Private Network) के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। हत्या के बाद ये सभी गोवा भागने की तैयारी में थे। कोटा पुलिस की सूचना पर पुणे रूरल पुलिस ने इन्हें दौंड रेलवे स्टेशन के नजदीक पकड़ा।
हत्या से लेकर गिरफ्तारी तक का सफर
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी पहले अपने घर पहुंचे। वहां आदित्य वर्मा की पत्नी माइकल जॉर्ज ने सभी आरोपियों के खून से सने कपड़े धोए। इसके बाद आरोपी बस से जयपुर गए, जहां मुख्य साजिशकर्ता वकील संतोष राय से मिले।
जयपुर से ये दिल्ली पहुंचे और फिर महाराष्ट्र होते हुए गोवा की तरफ निकल पड़े। योजना थी कि गोवा में कुछ समय छुपेंगे और एंजॉय भी करेंगे। लेकिन कोटा पुलिस की सतर्कता से पुणे रूरल पुलिस ने इन्हें दौंड स्टेशन के पास दबोच लिया।
VPN से छुपाई थी लोकेशन
कोटा शहर SP तेजस्विनी गौतम ने बताया कि आरोपी घटना के बाद भी आपस में संपर्क में थे। लेकिन वे VPN बनाकर बात कर रहे थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बावजूद पुलिस की तकनीकी जांच और नेटवर्क ने उन्हें पकड़ लिया।
माइकल जॉर्ज की भूमिका
SP गौतम ने बताया कि माइकल जॉर्ज के सामने ही पूरी हत्या की प्लानिंग हुई थी। उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी। हत्या के बाद उसने आरोपियों के खून से सने कपड़े साफ करके सबूत मिटाने में सक्रिय मदद की। इसी वजह से उसे भी गिरफ्तार किया गया है।
1 लाख में तय हुई थी सुपारी
SP के अनुसार आरोपियों को शुरुआती तौर पर 1 लाख रुपए मिले थे। कुल कितनी राशि थी और किसे-किसे क्या मिला, यह पूछताछ में सामने आएगा।
रविवार को आदित्य वर्मा और अंकित बैरवा को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। माइकल जॉर्ज को जेल भेजा जा चुका है।
अब चारों आरोपी एक साथ बैठेंगे
पुलिस की योजना है कि गिरफ्तार आदित्य वर्मा और अंकित बैरवा को पहले से हिरासत में मौजूद वकील संतोष राय और पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस के साथ एक साथ बिठाया जाएगा। इससे पूरे घटनाक्रम को एक-एक कड़ी जोड़कर समझा जाएगा।
पुलिस को संदेह है कि मंदिर के चौकीदार और समिति के कुछ अन्य लोग भी इस षड्यंत्र में शामिल हो सकते हैं। उन पर भी जांच जारी है।
FAQ
- संत देवानंद हत्याकांड में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। इनमें वकील संतोष राय, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस, आदित्य वर्मा, अंकित बैरवा और आदित्य की पत्नी माइकल जॉर्ज शामिल हैं। - VPN का उपयोग क्यों करते हैं?
VPN यानी Virtual Private Network के जरिए इंटरनेट पर असली लोकेशन छुपाई जा सकती है। VPN से संपर्क इसीलिए किया जाता है ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
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