EWS आरक्षण मंच ने मदन राठौड़ से की मुलाकात, मांगें न मानने पर 9 अगस्त को आंदोलन

Jageshwar prasad | Aug 08, 2026, 15:44 IST
पंचायत-निकाय चुनाव में EWS आरक्षण
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों में EWS आरक्षण की मांग तेज। EWS आरक्षण मंच ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। मंच ने मांगें न मानने पर 9 अगस्त को आगरा रोड पर महापंचायत और हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • EWS के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर शुरू हुआ आंदोलन।
  • पंचायत-निकाय चुनाव में EWS आरक्षण की मांग तेज।
  • BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला EWS आरक्षण मंच।
  • मदन राठौड़ ने दिया आश्वासन, कहा- मांग सक्षम स्तर पर पहुंचाएंगे।
  • 9 अगस्त को महापंचायत, मांगें न मानने पर हाईवे जाम की चेतावनी।

राजस्थान में EWS आरक्षण की मांग को लेकर सवर्ण संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। EWS आरक्षण मंच ने शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। मंच ने पंचायत और निकाय चुनावों में EWS वर्ग को आरक्षण देने की मांग की।



संगठन ने चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी गई तो 9 अगस्त को आगरा रोड पर महापंचायत के बाद हाईवे जाम कर दिया जाएगा। मंच ने सरकार को शाम तक सकारात्मक फैसला न आने पर आंदोलन की बात कही है।



क्या है EWS वर्ग की मांग?

EWS आरक्षण मंच के प्रदेश अध्यक्ष सुनील उदइया ने कहा कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में EWS वर्ग को आरक्षण मिलता है, लेकिन स्थानीय निकायों में नहीं। उनका कहना है कि इस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समान अवसर नहीं मिल पा रहा है।



मंच की मांग है कि पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और नगरीय निकायों में EWS वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया जाए। इससे EWS वर्ग के युवाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा और स्थानीय लोकतंत्र में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।



BJP अध्यक्ष से क्या बात हुई?

प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। संगठन ने अपनी मांगें रखीं और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार से बात करने का आग्रह किया।



राठौड़ ने मंच को आश्वासन दिया कि वे इस मांग को सक्षम स्तर पर पहुंचाएंगे। हालांकि, मंच ने स्पष्ट कर दिया कि अगर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।



9 अगस्त को क्या होगा?

परशुराम सेना ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। सेना के अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि 9 अगस्त को क्रांति दिवस पर आगरा रोड पर महापंचायत बुलाई गई है। अगर सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो पंचायत के बाद आगरा रोड को जाम कर दिया जाएगा।



चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार को शाम तक का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार रोड जाम की भाषा समझती है तो उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।



क्यों उठी यह मांग?

बता दें कि 3 अगस्त को UGC Rollback की मांग को लेकर सवर्ण समाज सड़कों पर उतरा था। अब EWS आरक्षण का मुद्दा उठकर सामने आया है। संगठनों का कहना है कि EWS वर्ग को स्थानीय निकायों में आरक्षण न देना उनके अधिकारों का हनन है।



वे लंबे समय से यह मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही कारण है कि उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।



सरकार पर क्या दबाव है?

EWS आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। एक तरफ ओबीसी आरक्षण को लेकर चर्चा चल रही है, वहीं अब EWS वर्ग भी अपनी मांग को लेकर मुखर हो गया है।



सरकार को इन दोनों वर्गों की मांगों के बीच संतुलन बनाना पड़ सकता है। अगर आंदोलन बढ़ता है तो आगामी निकाय चुनावों से पहले सरकार पर बड़ा राजनीतिक दबाव बन सकता है।



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