भतीजे की MBBS डिग्री का फर्जी इस्तेमाल, MP में 3 जगह नौकरी कर रहा था चाचा
समझें क्या है पूरा मामला
- भतीजे की MBBS डिग्री, अपना आधार कार्ड, MP में डॉक्टर की नौकरी।
- रिश्वत लेते पकड़ा गया, उसके बाद जांच, पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
- सोशल मीडिया पोस्ट देखकर असली डॉक्टर पहचान गया, दौड़ा शहडोल।
- NHM भर्ती प्रक्रिया पर भी उठे सवाल, दस्तावेज सत्यापन क्यों नहीं हुआ।
- चाचा बना रहा डॉक्टर, भतीजा राजस्थान में असली नौकरी करता रहा।
राजस्थान के डीग जिले से जुड़ा एक बड़ा फर्जी डॉक्टर प्रकरण मध्य प्रदेश में सामने आया है। आरोप है कि डीग जिले के मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके चाचा सतीश चंद्र शर्मा ने MP में फर्जी नौकरी कर ली।
मामला तब उजागर हुआ जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने शहडोल जिले में सतीश को 5000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जांच में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया।
भतीजे की डिग्री, अपना आधार कार्ड
आरोप है कि सतीश चंद्र शर्मा ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में अपने भतीजे डॉ. महेश चंद्र शर्मा की एमबीबीएस (MBBS) डिग्री, मेडिकल प्रमाण-पत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज लगाए, लेकिन पहचान के लिए अपना आधार कार्ड लगाया।
इस तरह नाम तो डॉ. महेश चंद्र शर्मा का था लेकिन पहचान सतीश की थी। इसी आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत मध्यप्रदेश के शहडोल, श्योपुर और खरगोन तीन जिलों में मेडिकल ऑफिसर के पद पर सेवाएं दीं।
रिश्वत में पकड़े गए, फिर खुला राज
मामला तब सामने आया जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने शहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में तैनात मेडिकल ऑफिसर को 5000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।
जांच शुरू होने पर पता चला कि वहां डॉ. महेश चंद्र शर्मा के नाम से जो व्यक्ति काम कर रहा था वह असल में सतीश चंद्र शर्मा था। दस्तावेजों की जांच में पूरा फर्जीवाड़ा खुल गया।
वायरल पोस्ट से भतीजे ने पहचाना चाचा को
कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर आरोपी की तस्वीर वायरल हुई। राजस्थान के डीग में असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने यह तस्वीर देखी तो उन्हें शक हुआ कि यह उनके चाचा सतीश हैं।
उन्होंने तुरंत शहडोल का रुख किया और जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी डिग्री और दस्तावेजों का फर्जी इस्तेमाल कर चाचा ने खुद को डॉक्टर बताकर सरकारी नौकरी हासिल की।
NHM भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने मध्यप्रदेश में NHM की संविदा डॉक्टर भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि तीनों जिलों में भर्ती के दौरान मूल दस्तावेजों की जांच और मेडिकल काउंसिल में पंजीयन का सत्यापन ठीक से नहीं हुआ।
शहडोल के सीएमएचओ (CMHO) डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि NHM की ओर से तीनों जिलों में आरोपी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों दस्तावेजों के सत्यापन में जुटे हैं। जल्द ही सतीश चंद्र शर्मा की गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
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