साइबर ठगों ने पूर्व जज को बनाया शिकार, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगे 2.95 करोड़

Jageshwar prasad | Aug 13, 2026, 08:38 IST
पूर्व जिला जज को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर 2.95 करोड़ रुपए ठगे
जयपुर में साइबर अपराधियों ने 90 वर्षीय पूर्व जिला जज को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 2.95 करोड़ रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को CBI और RBI अधिकारी बताया। बैंक मैनेजर की सतर्कता से PPF खाते से होने वाला एक और बड़ा ट्रांजेक्शन रुक पाया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर में पूर्व जिला जज से 2.95 करोड़ की साइबर ठगी।
  • व्हाट्सएप कॉल से डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया।
  • सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल कर दी धमकी।
  • आरोपियों ने हर कॉल के बाद डिलीट करवाई चैट-हिस्ट्री।
  • बैंक मैनेजर ने रोका लाखों का ट्रांजेक्शन तब बच पाई PPF राशि।

जयपुर में एक 90 वर्षीय पूर्व जिला जज (पूर्व डिस्ट्रिक्ट जज) साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पहले सीबीआई अधिकारी और फिर आरबीआई मैनेजर बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।



इस डर में उन्होंने कुल 2 करोड़ 95 लाख 51 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह मामला एक और बड़े ट्रांजेक्शन को बैंक मैनेजर द्वारा रोके जाने के बाद खुला।



कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?

28 जुलाई को पीड़ित के व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने पुलिस वर्दी पहनी हुई थी। उसने खुद को मुंबई सीबीआई का अधिकारी बताया और कहा कि पीड़ित के बैंक खाते में 40 लाख रुपए हवाला के पैसे आए हैं। उसने जांच में सहयोग न करने पर गिरफ्तारी और मुंबई ले जाने की धमकी दी।



पूर्व जिला जज से 2.95 करोड़ की साइबर ठगी


जाल कैसे बढ़ाया गया?

कुछ देर बाद दूसरे व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को आरबीआई मैनेजर बताया। उसने हवाला राशि से जुड़े म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी मांगी।



डर के कारण बुजुर्ग ने अपने म्यूचुअल फंड सहित सभी वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी दे दी। इसके बाद ठगों ने जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने के निर्देश दिए।



कितने पैसे ट्रांसफर किए गए?

3 अगस्त को पहले दो खातों में कुल 50.51 लाख रुपए ट्रांसफर हुए। 6 अगस्त को तीन अलग-अलग खातों में 40-40 लाख कर कुल 1.10 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।



7 अगस्त को एक खाते में 30 लाख और 10 अगस्त को उसी खाते में दो बार 30-30 लाख रुपए डाले गए। इस तरह कुल 2.95 करोड़ रुपए ठग लिए गए।



बैंक मैनेजर ने कैसे बचाया?

ठगों ने पीड़ित को उनके PPF खाते की राशि भी ट्रांसफर करने के लिए कहा। गुरुवार सुबह जब पीड़ित एसबीआई की जौहरी बाजार शाखा में पहुंचे, तो बैंक मैनेजर को संदेह हुआ।



पूछताछ में जब पूरी कहानी सामने आई, तो मैनेजर ने ट्रांजेक्शन रोक दिया और पीड़ित को समझाया कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं। इसके बाद पीड़ित ने अपने भांजे को बुलाया और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।



क्या रखें सावधानी?

यह मामला एक चेतावनी है। कोई भी सरकारी एजेंसी (सीबीआई, ईडी, आरबीआई, पुलिस) व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर निजी खाते में पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।



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