एक्सप्रेसवे पर हादसों का कारण तलाशने निकले गडकरी, अफसरों को ये दिए निर्देश
समझें क्या है पूरा मामला
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का कारण तलाशने निकले नितिन गडकरी।
- केंद्रीय मंत्री एक टेंपो ट्रैवलर में बैठकर एक्सप्रेसवे की जमीनी हकीकत जान रहे।
- पिनान रेस्ट हाउस में मंत्री गडकरी ने एनएचएआई के अफसरों की क्लास ली।
- मंत्री बोले- एक्सप्रेसवे के आसपास खुले अवैध ढाबों और अतिक्रमण पर लगेगी लगाम।
- निर्देश- ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगेगी, बेतरतीब खड़े ट्रकों पर होगी कार्रवाई।
सुनील जैन @ अलवर
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अब खुद एक्शन मोड में आ गए हैं।
बुधवार दोपहर केंद्रीय मंत्री एक टेंपो ट्रैवलर में बैठकर खुद जमीनी हकीकत परखने निकल पड़े। अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ उनका काफिला एक्सप्रेसवे पर पिनान रेस्ट एरिया पहुंचा। उन्होंने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया और एनएचएआई के अफसरों की क्लास लगा दी।
लगभग एक घंटे चली इस हाई-लेवल मीटिंग में गडकरी का रुख सख्त दिखा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
अवैध ढाबों और अतिक्रमण पर नो टॉलरेंस
गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे के आसपास खुले अवैध ढाबे और अतिक्रमण
दिखने नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के किनारे से सभी अवैध निर्माण और ढाबों को तुरंत हटाया जाए। सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ओवरस्पीडिंग पर लगाम हो
हादसों के मुख्य कारणों को समझने के लिए केंद्रीय मंत्री ने प्रोजेक्टर के जरिए पूरे एक्सप्रेसवे रूट का लाइव रिव्यू किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क पर जहां भी तकनीकी खामियां या गड्ढे हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही ओवरस्पीडिंग को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
बेतरतीब खड़े ट्रकों पर होगी कार्रवाई
गडकरी ने कहा कि हाईवे पर कहीं भी ट्रक खड़े नहीं होने चाहिए। इसके लिए उन्होंने पेट्रोलिंग बढ़ाने, पुलिस गश्त तेज करने और नियय उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरतने को कहा है।
इस दौरे में गडकरी ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रेस्क्यू वाहन का लोकार्पण भी किया। यह हाईटेक गाड़ी एक्सप्रेसवे पर किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचेगी, घायलों को राहत देगी और ट्रैफिक को बिना देर किए सुचारू बनाएगी।
गडकरी एक्सप्रेसवे पर कोटा तक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम भजनलाल शर्मा भी होंगे।
लबान पर बिरला और सीएम मिले
बाद में गडकरी एक्सप्रेसवे पर बूंदी के लबान इंटरचेंज पहुंचे। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और सीएम भजनलाल शर्मा के साथ विभिन्न खण्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
बिरला और भजनलाल ने गडकरी को एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कुछ सुझाव दिए। गडकरी ने एक्सप्रेसवे की खामियों को दूर करने के लिए इन सुझावों पर अमल का वादा किया।
इसलिए कर रहे गडकरी दौरा
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस अपनी खामियों के लिए चर्चा का विषय रहा है। पिछली एक जुलाई को टक्कर के बाद एक बस के आग का गोला बनने से 8 लोगों की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद पाया गया कि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था नहीं है। राजस्थान सरकार ने एक्सप्रेसवे की खामियों को लेकर केंद्रीय मंत्री गडकरी का ध्यान खींचा था।
आंकड़ों के अनुसार दौसा जिले की सीमा में आने वाले एक्सप्रेसवे पर दो साल के दौरान दुर्घटनाओं में 61 लोगों की जानें जा चुकी है।
वर्ष 2025 में 33 सड़क हादसे हुए। इनमें 35 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2026 में जून तक 24 हादसों में 26 लोगों की मौत हो चुकी है।
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