इंस्टाग्राम पर लव गुरु बनकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बीकानेर और जयपुर से जुड़े तार
News In Short
- इंस्टाग्राम पर लव गुरु बनकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश।
- इन शातिर अपराधियों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी।
- आरोपी पीड़ितों को वीडियो कॉल करते और उन्हें न्यूड होने के लिए मजबूर करते थे।
- गुजरात पुलिस के अनुसार गिरोह के राजस्थान में बीकानेर और जयपुर से जुड़े तार।
- गुजरात पुलिस ने दूसरे मुख्य आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से दबोचा।
News In Detail
Jaipur: सोशल मीडिया के इस दौर में जहां एक क्लिक पर दुनिया मुट्ठी में आ जाती है, वहीं इसी वर्चुअल वर्ल्ड के पीछे छिपे शातिर ठग युवाओं की भावनाओं और मजबूरियों का सौदा कर रहे हैं। गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार सीधे तौर पर राजस्थान से जुड़े हुए हैं।
लव गुरु और रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर देश भर के युवाओं को ब्लैकमेल करने वाले इस गिरोह के दूसरे मुख्य आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से दबोच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह के सभी मुख्य आरोपी राजस्थान के ही रहने वाले हैं।
बीकानेर और जयपुर से संचालित हो रहा था नेटवर्क
गुजरात की अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले के दूसरे आरोपी विकास पोखराज भार्गव को गिरफ्तार किया है, जो बीकानेर का निवासी है। इससे पहले इसी गिरोह के एक अन्य शातिर सदस्य रजनीश गोविंदलाल भार्गव को भी पुलिस ने 4 मई को बीकानेर से ही गिरफ्तार किया था।
वहीं, गिरोह का तीसरा सदस्य रवि सत्यनारायण भार्गव अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में लगातार दबिश दे रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी विकास भार्गव को राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिरासत में लिया गया, जहां वह छिपकर रह रहा था।
कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने उसकी 4 दिन की रिमांड हासिल की है, जिससे राजस्थान में फैले इस नेटवर्क के अन्य मददगारों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
एस्ट्रोलॉजर पूजा किन्नर गुरुमा का मायाजाल
पुलिस जांच के अनुसार, इन शातिर अपराधियों ने इंस्टाग्राम पर astrologer_pooja_kinnar_maa नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी। खुद को ज्योतिष पूजा किन्नर गुरुमा के रूप में पेश कर ये लोग सोशल मीडिया पर उन युवाओं को टारगेट करते थे, जो अपने प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन या निजी समस्याओं से परेशान थे।
गिरोह ने अपने जाल को फैलाने के लिए इंस्टाग्राम के एड बूस्टिंग (विज्ञापन) फीचर का सहारा लिया। वे 18 से 35 साल के युवाओं-चाहे पुरुष हों या महिलाएं-को निशाना बनाते थे। जब कोई पीड़ित अपनी समस्या लेकर इनके पास पहुंचता, तो ये वशीकरण और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उनके निजी फोटो मंगवा लेते थे।
वीडियो कॉल पर न्यूडिटी और 60 लाख का खेल
खेल सिर्फ तस्वीरों तक सीमित नहीं था। आरोपी पीड़ितों को वीडियो कॉल करते थे और उन्हें कपड़े उतारने (न्यूड होने) के लिए मजबूर करते थे।
स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए वे इन पलों को रिकॉर्ड कर लेते और फिर शुरू होता था ब्लैकमेली का असली खेल। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने और बदनामी की धमकी देकर ये लाखों रुपये ऐंठते थे।
इस गिरोह की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक महिला पीड़ित की शिकायत पर जब जांच शुरू हुई, तो पता चला कि उससे अकेले 1.44 लाख रुपए वसूले जा चुके थे। पुलिस को आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों में पिछले दो सालों में 60 लाख रुपए से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला है।
300 मोबाइल नंबर और 65 से अधिक शिकार
साइबर क्राइम ब्रांच के मुताबिक पिछले महज एक महीने में इस गिरोह ने करीब 300 मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया था। शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि देश भर के 65 से अधिक लोग इस लव गुरु स्कैम का शिकार बनकर अपनी गाढ़ी कमाई और मानसिक शांति गंवा चुके हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान बाबा, ज्योतिषी या रिलेशनशिप एडवाइजर पर भरोसा न करें। अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई आपको ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं, तुरंत हेल्पलाइन नंबर १९३० पर कॉल करें या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
FAQ
- गुजरात साइबर क्राइम ब्रांच ने किस गिरोह का पर्दाफाश किया है?
गुजरात साइबर क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर फर्जी “लव गुरु” और रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर युवाओं को ब्लैकमेल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। यह नेटवर्क राजस्थान के बीकानेर और जयपुर से संचालित हो रहा था। - आरोपी लोगों को कैसे ब्लैकमेल करते थे?
आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर प्रेम संबंध और निजी समस्याओं का समाधान बताने का झांसा देते थे। इसके बाद वे पीड़ितों की निजी फोटो और वीडियो हासिल कर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए वसूलते थे। - साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी अनजान बाबा, ज्योतिषी या रिलेशनशिप एडवाइजर पर भरोसा नहीं करना चाहिए। निजी फोटो और वीडियो साझा करने से बचें और ब्लैकमेल होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।
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