कंटेनर के केबिन काटकर सामान चुराती थी गैंग, दिल्ली के बाजार में बिकता था चोरी का माल
News In Short
- ड्राइवरों से दोस्ती कर करोड़ों के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स चुराने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार।
- कंटेनर के केबिन काटकर अंदर घुसती थी गैंग, सारा माल पार कर भाग जाती थी।
- अजमेर से 60 लाख के CCTV कैमरे चुराए, एक साल से था फरार।
- नागपुर से 5.72 करोड़ के लैपटॉप-टैबलेट चोरी, 4.14 करोड़ का माल बरामद।
- चोरी का पूरा माल दिल्ली के चोर बाजार में बेचता था, 176 पीस अब भी मिसिंग।
News In Detail
करोड़ों के लैपटॉप और टैबलेट चुराने वाले मास्टरमाइंड से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी न केवल अकेले चोरी करता था, बल्कि उसकी गैंग कंटेनर के केबिन को काटकर अंदर घुसती थी और पूरा माल पार कर भाग जाती थी। आरोपी चोरी का माल दिल्ली के चोर बाजार में थोक (बल्क) में बेचता था।
मास्टरमाइंड कौन है?
आरोपी हजरुद्दीन (26) निवासी खोल्लालका (डीग) को डीग की पहाड़ी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह खुद भी ड्राइवर है, इसलिए उसका दूसरे ड्राइवरों से अच्छा संपर्क था। इसी संपर्क का फायदा उठाकर वह चोरियों को अंजाम देता था।
नागपुर से चुराए 5.72 करोड़ के लैपटॉप-टैबलेट
3 मई 2026 को नागपुर (महाराष्ट्र) में मोटोरोला कंपनी के टैबलेट और लैपटॉप से भरा एक कंटेनर चोरी हो गया। कुल मिलाकर 641 पीस थे, जिनकी कीमत 5 करोड़ 72 लाख रुपये थी।
महाराष्ट्र पुलिस, डीएसटी और डीग पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। मुखबिर की सूचना पर 20 मई को डीग के पहाड़ी थाना इलाके से हजरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से 464 लैपटॉप-टैबलेट (करीब 4.14 करोड़ रुपये) बरामद कर लिए गए। हालांकि 176 पीस अभी भी मिसिंग हैं।
अजमेर से 60 लाख के CCTV कैमरे भी चुराए
यह पहली चोरी नहीं थी। इससे पहले 16 फरवरी 2025 को हजरुद्दीन ने अजमेर से रवाना हुए CCTV कैमरों से भरे कंटेनर में से पूरा माल चुरा लिया था। इन कैमरों की कीमत करीब 60 लाख रुपये थी। उसने यह माल भी दिल्ली के चोर बाजार में बेच दिया। इस मामले में आरोपी एक साल से फरार था और उसकी लोकेशन तक नहीं मिल पा रही थी।
कैसे होती थी चोरी?
पहाड़ी थाने के SHO योगेंद्र सिंह ने पूछताछ के बाद बताया कि लूट का मास्टरमाइंडहजरुद्दीन की चोरी का तरीका बेहद शातिराना था:
ड्राइवरों से दोस्ती: ड्राइवर होने के कारण उसका दूसरे ड्राइवरों से अच्छा संपर्क था। उसे पता रहता था कि कौन सा ड्राइवर किस इलेक्ट्रॉनिक सामान को लेकर जा रहा है।
केबिन काटकर घुसना: गैंग के साथ मिलकर वह कंटेनर के केबिन को अंदर से काटता था। इससे बाहर से कोई नुकसान नजर नहीं आता था।
माल पार कर भागना: केबिन काटने के बाद पूरा सामान उतारकर ले जाया जाता था। इसके बाद कंटेनर को फिर से सील कर दिया जाता था।
दिल्ली के चोर बाजार में बेचना: चोरी का सारा माल दिल्ली के चोर बाजार में थोक में बेच दिया जाता था।
अजमेर वाली चोरी की कहानी
अजमेर में CCTV कैमरे चोरी के मामले में कंटेनर मालिक बलवान सिंह (निवासी गुरुग्राम) ने 16 फरवरी 2025 को FIR दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी गाड़ी ब्लू डार्ट कंपनी के CCTV कैमरे लेकर महाराष्ट्र से नोएडा जा रही थी। कंटेनर को मुस्तकीन नाम का ड्राइवर लेकर जा रहा था, जिसके साथ हजरुद्दीन और उसके साथी भी थे।
15 फरवरी को अचानक ड्राइवर का फोन नहीं लगा। बलवान ने GPS के जरिए कंटेनर की लोकेशन ट्रेस की, जो अजमेर के श्रीनगर थाना इलाके में मिली।नोएडा लाने पर पता चला कि कंटेनर केबिन के अंदर से कटा हुआ है और करीब 200 CCTV कैमरे (करीमत 60 लाख) गायब हैं। पुलिस ने ड्राइवर मुस्तकीन को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन हजरुद्दीन फरार था।
हाईवे पर कंटेनरों को निशाना बनाने वाली इस बेहद शातिर गैंग के सरगना की गिरफ्तारी को पुलिस एक बड़ी कामयाबी मान रही है। आरोपी पिछले एक साल से अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को छका रहा था, जिसे आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से दबोच लिया गया।
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