रबर के अंगूठे और फोटो से बनाए जा रहे थे फर्जी आधार, अवैध सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
News In Short
- हनुमानगढ़ में अवैध आधार कार्ड सेंटर का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड कुलदीप शर्मा गिरफ्तार।
- फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए रबर अंगूठे और आंखों की फोटो का इस्तेमाल हो रहा था।
- एटीएस ने आरोपी से लैपटॉप, जीपीएस डिवाइस, और अन्य जासूसी उपकरण जब्त किए।
- फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों और साइबर क्राइम में हो सकता था।
- पुलिस अब कुलदीप शर्मा से पूछताछ कर रही है, उसके अन्य कनेक्शन की भी जांच जारी है।
News In Detail
Hanumangarh: राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने फर्जी आधार कार्ड तैयार करने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा किया है। हनुमानगढ़ के भादरा में एटीएस ने एक ऐसे आधार सेंटर पर छापा मारा है, जहां असली बायोमेट्रिक्स की जगह रबर के अंगूठे (डमी फिंगरप्रिंट) और आंखों की फोटो (आईरिस बाईपास) का इस्तेमाल कर अवैध आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। इस मामले में एटीएस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को दबोच लिया है।
हाईटेक तरीके से सिस्टम को दे रहे थे चकमा
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि मास्टरमाइंड कुलदीप शर्मा ने भादरा नगर पालिका के पास एक अवैध सेंटर खोल रखा था। एटीएस की टीम जब वहां पहुंची, तो चौंकाने वाला नजारा सामने आया। आरोपी लाल और सफेद रंग के रबर पर बने डमी फिंगरप्रिंट्स का इस्तेमाल कर सिस्टम में लॉग-इन करता था।
आंखों की पुतलियों (आईरिस) के बायोमेट्रिक को चकमा देने के लिए आरोपी कागज पर छपी आंखों की फोटो को आईरिस डिवाइस के सामने रखता था। आरोपी जसवंत और आमिर खां नामक व्यक्तियों की ऑपरेटर आईडी का अवैध उपयोग कर रहा था और रसीदों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी खुद ही करता था।
मौके से बरामद हुआ जासूसी जैसा सामान
टीम ने मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस डिवाइस, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई और एक कैमरा बरामद किया है। इनके साथ सैकड़ों की संख्या में अवैध एनरोलमेंट रसीदें भी हैं। इसके अलावा आरोपी कुलदीप का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। यह सब उपकरण महत्वपूर्ण सबूत के रूप में जब्त किए गए हैं, जो अपराध की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राष्ट्र की सुरक्षा के लिए रेड अलर्ट
पुलिस और एटीएस ने बताया फर्जी तरीके से बनाए गए पहचान पत्रों का इस्तेमाल देश में गंभीर खतरनाक गतिविधियों के लिए किया जा सकता था। इनमें आतंकी गतिविधियों का खतरा है, क्योंकि बिना पहचान के संदिग्ध लोग देश के विभिन्न हिस्सों में छिप सकते हैं। इसके अलावा, फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए भी किया जा सकता है, जैसे कि फर्जी बैंक खाते खुलवाना और अवैध सिम कार्ड जारी करवाना।
पुलिस अब उन लोगों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने इस सेंटर से आधार कार्ड बनवाए थे, ताकि इन अपराधियों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इंटरस्टेट कनेक्शन की तलाश
पुलिस अब पकड़े गए आरोपी कुलदीप शर्मा से सख्ती से पूछताछ कर रही है। साथ ही, उसके मोबाइल और लैपटॉप को जांच (फोरेंसिक लैब) के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुलदीप के साथ इस खेल में और कौन-कौन शामिल है और क्या उसके तार दूसरे राज्यों के बड़े अपराधियों या ठगों से तो नहीं जुड़े हैं।
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