गहलोत से दूरी पर बोले हरीश चौधरी, कांग्रेस की गुटबाजी फिर चर्चा में
Jageshwar prasad | Jun 18, 2026, 15:08 IST
हरीश चौधरी ने कहा- गहलोत से लोकसभा चुनाव के बाद बातचीत बंद
राजस्थान के बायतु विधायक हरीश चौधरी ने बाड़मेर में कहा लोकसभा चुनाव के बाद पूर्व सीएम गहलोत से रामा-श्यामा बंद है। इससे कांग्रेस की अंदरूनी दरार फिर उजागर हुई।
समझें क्या है पूरा मामला
- हरीश चौधरी ने कहा- गहलोत से लोकसभा चुनाव के बाद बातचीत बंद है।
- उन्होंने गहलोत पर RLP को प्रायोजित करने का आरोप लगाया।
- चौधरी ने गहलोत को ओबीसी आरक्षण मामला न सुलझाने का भी दोषी ठहराया।
- गहलोत-पायलट विवाद में चौधरी ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
- चौधरी ने वंशवाद की राजनीति पर भी करारा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से गहलोत से उनकी रामा-श्यामा यानी सीधी बात पूरी तरह बंद है। यह बयान ऐसे वक्त आया जब कोटा में गहलोत और सचिन पायलट राहुल गांधी के साथ एक मंच पर दिखे थे।
बाड़मेर में मंच से बोले चौधरी
उन्होंने कहा कि वे इस पवित्र जगह पर ज्यादा कड़वी बातें नहीं बोलना चाहते, लेकिन सच्चाई को छिपाना भी सही नहीं है। बिना नाम लिए उन्होंने साफ कहा कि जो पहले मुख्यमंत्री थे, उनसे लोकसभा चुनाव के बाद रामा-श्यामा बंद है।
उन्होंने यह भी बताया कि बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल कभी-कभी कोई संदेश लेकर आते हैं, तो वे उसे सुन लेते हैं। लेकिन खुद अपनी तरफ से गहलोत से कोई बात नहीं करते।
पुरानी नाराजगी की परतें
इससे पहले चौधरी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री गहलोत पर ओबीसी (Other Backward Class) आरक्षण में भूतपूर्व सैनिकों के कोटे से जुड़ी विसंगतियों को न सुलझाने का सीधा आरोप लगाया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यहां तक कहा था कि कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को टालने के लिए चेयर यानी मुख्यमंत्री ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने खुद को ठगा हुआ बताया था।
गहलोत पर आरएलपी को लेकर भी लगाया आरोप
चौधरी का मानना था कि गहलोत अंदरूनी तौर पर इस पार्टी को बढ़ावा देते थे ताकि कांग्रेस के मजबूत जाट नेताओं को कमजोर किया जा सके।
गहलोत-पायलट विवाद में भी निभाई मध्यस्थ की भूमिका
जब गहलोत ने सचिन पायलट को गद्दार कहा था, तब चौधरी ने उन्हें शब्दों की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी थी। बाद में आलाकमान ने उन्हें दोनों गुटों के बीच मध्यस्थता की जिम्मेदारी भी दी थी।
वंशवाद पर प्रहार और भजनलाल के भाग्य का जिक्र
साल 2023 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अचानक चयन पर चौधरी ने कहा कि यह भरतपुर का भाग्य था। उन्होंने कहा कि जब किसी का भाग्य उदय होता है तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती।
चौहटन की राजनीति और केके विश्नोई पर टिप्पणी
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री केके विश्नोई के बीच सीधे तार जुड़े हैं, जिसके कारण क्षेत्र के प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होते हैं।
FAQ
- हरीश चौधरी की कांग्रेस पार्टी में क्या भूमिका रही है?
हरीश चौधरी राजस्थान से बायतु विधायक हैं और मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हैं। गहलोत-पायलट विवाद में आलाकमान ने उन्हें दोनों गुटों के बीच मध्यस्थ की भूमिका सौंपी थी।
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