गहलोत सरकार का आवंटन, भजनलाल सरकार ने किया निरस्त, हाई कोर्ट ने लगाई रोक

Mukesh Sharma | Jul 26, 2026, 21:17 IST
उत्तराखंड समाज को दी गई जमीन निरस्त करने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
राजस्थान हाई कोर्ट ने उत्तराखंड समाज को आवंटित जमीन को निरस्त करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार और हाउसिंग बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने कहा, सुनवाई का मौका नहीं दिया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उत्तराखंड समाज को दी गई जमीन निरस्त करने पर राजस्थान हाई कोर्ट ने लगाई रोक।
  • गहलोत सरकार का आवंटन, भजनलाल सरकार ने निरस्त किया, HC ने रोका।
  • सुनवाई का मौका नहीं मिला, उत्तराखंड समाज की याचिका पर कोर्ट ने दी राहत।
  • हाउसिंग बोर्ड और राज्य सरकार से 4 सप्ताह में हाई कोर्ट ने मांगा जवाब।
  • जैन और अग्रवाल समाज का आवंटन भी निरस्त, हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार।

गहलोत सरकार के समय उत्तराखंड समाज को रियायती दर पर आवंटित हुई जमीन को निरस्त करने के भजनलाल सरकार के फैसले पर हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।



जस्टिस शुभा मेहता की अदालत ने यह आदेश उत्तराखंड समाज समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने राज्य सरकार और हाउसिंग बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा है।



भजनलाल सरकार ने मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड समिति की सिफारिश पर यह आवंटन निरस्त किया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि निरस्त करने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका या कारण नहीं बताया गया।



क्या है मामला?

उत्तराखंड समाज समिति को गहलोत सरकार के समय प्रताप नगर आवासीय योजना सेक्टर 28 में 953 वर्गमीटर जमीन सांस्कृतिक कार्यक्रम, वृद्धजन व पर्यावरण संरक्षण के लिए आवंटित की गई थी। समिति ने 6 अक्टूबर 2023 को 2 प्रतिशत राशि (लगभग 3.02 लाख रुपये) भी जमा करा दी थी।



प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भजनलाल सरकार ने गहलोत सरकार के अंतिम 6 माह के फैसलों का रिव्यू करने के लिए मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड समिति बना दी। इस समिति की सिफारिश पर हाउसिंग बोर्ड ने 21 अप्रैल 2026 को समिति को आवंटन निरस्त करने की सूचना दी।



कोर्ट में क्या कहा?

समिति की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता लवेश मामनानी ने कहा कि भूखंड आवंटन निरस्त करने से पहले समिति को न तो सुनवाई का मौका दिया गया, न ही आवंटन निरस्त करने का कोई कारण बताया गया।



इस पर कोर्ट ने आवंटन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए निर्देश दिया कि यह जमीन किसी तृतीय पक्षकार को न दी जाए।



अन्य समाजों का भी आवंटन निरस्त

उत्तराखंड समाज के साथ ही मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड समिति की सिफारिश पर श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान और अग्रवाल समाज सेवा समिति प्रताप नगर को आवंटित जमीन भी निरस्त कर दी गई।



जैन संस्थान को 2000 वर्गमीटर (बालिका छात्रावास) और अग्रवाल समाज को 1500 वर्गमीटर (सामुदायिक भवन) के लिए आवंटन हुआ था। अग्रवाल समाज ने भी 2% राशि जमा करा दी थी।



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