इजराइल-ईरान युद्ध का असर अब राजस्थान की नमक रिफाइनरी पर, पैकिंग सामग्री में आ रही है परेशानी
Ashish Bhardwaj | Mar 23, 2026, 13:00 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के नमक उद्योग पर अब इजराइल-ईरान युद्ध का असर दिखने लगा है। यह असर पैकिंग सामग्री की कमी और आपूर्ति संकट को बढ़ा रहा है। युद्ध के कारण कोयला मिलने में भी आ रही है समस्या
News In Short
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरीका-इजराइल-ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत के नमक उद्योग पर भी साफ नजर आने लगा है। नमक पैकिंग में उपयोग होने वाली प्रमुख सामग्री, जैसे प्लास्टिक थैलियां, बारदाना, टी-एसडीपी बैग, जे-बीओपीपी बैग और एलडी (पीपी पाउच), की कमी के कारण नमक सप्लाई में भारी संकट उत्पन्न हो गया है।
पेट्रोलियम पदार्थों की कमी के कारण प्लास्टिक कच्चे दानों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके कारण पैकिंग सामग्री महंगी हो गई है। इस समय, बाजार में पैकिंग सामग्री की कीमतों में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे उत्पादन की लागत में भी इजाफा हुआ है। नमक उद्योग से जुड़े व्यापारी और रिफाइनरी संचालक इस बढ़ी हुई लागत से परेशान हैं, क्योंकि मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु की लगभग 90 नमक रिफाइनरियां इस संकट से जूझ रही हैं। इन रिफाइनरियों में प्लास्टिक पैकिंग उत्पादों की भारी कमी हो गई है। इसके कारण नमक की आपूर्ति ठहर सी गई है। इस स्थिति में नमक व्यापारी दोहरी मार झेल रहे हैं-एक ओर जहां पैकिंग उत्पादों के कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं।
नमक उद्यमी राजेश गोयल के अनुसार, मार्च से नमक का सीजन शुरू होता है और इस दौरान लगभग 100 टन पैकिंग मटेरियल की आवश्यकता रहती है। लेकिन इस समय मुश्किल से 10 टन पैकिंग मटेरियल ही उपलब्ध हो पा रहा है, जिसके कारण माल की ढुलाई में बाधा आ रही है। राजस्थान की 30, गुजरात की 50 और तमिलनाडु के तुतिकोरिन (थूथुकुडी) की 10 नमक रिफाइनरियां इस संकट से जूझ रही हैं।
युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की कमी के कारण प्लास्टिक पैकिंग सामग्री बनाने के लिए आवश्यक कच्चे दानों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप पैकिंग सामग्री महंगी हो गई हैं और आपूर्ति भी मांग के अनुरूप नहीं हो रही है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से नमक की ढुलाई भी रुक गई है। इसके कारण प्रदेश में करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
युद्ध के कारण कोयला मिलने में भी समस्या आ रही है, जो नमक उद्योग के लिए एक और बड़ा संकट है। नमक को शुद्ध करने और उसे रिफाइन करने के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, जिसमें कोयला उपयोगी होता है।
अमरीका-इजराइल-ईरान के बीच हो रहे युद्ध के कारण नमक पैकिंग से लेकर लदान तक कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। राजस्थान और गुजरात का नमक व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और इस स्थिति ने व्यापारियों के लिए नई चुनौतियां पेश की हैं।
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- इजराइल-ईरान युद्ध का असर राजस्थान नमक उद्योग पर, पैकिंग सामग्री की कमी से आपूर्ति संकट।
- नमक उद्योग में प्लास्टिक पैकिंग सामग्री की कीमतों में 35% का इजाफा।
- राजस्थान की रिफाइनरियां पैकिंग उत्पादों की कमी से जूझ रही हैं।
- युद्ध के कारण कोयला मिलने में भी आ रही है समस्या।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरीका-इजराइल-ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत के नमक उद्योग पर भी साफ नजर आने लगा है। नमक पैकिंग में उपयोग होने वाली प्रमुख सामग्री, जैसे प्लास्टिक थैलियां, बारदाना, टी-एसडीपी बैग, जे-बीओपीपी बैग और एलडी (पीपी पाउच), की कमी के कारण नमक सप्लाई में भारी संकट उत्पन्न हो गया है।
पैकिंग सामग्री की कीमतों में 35% की बढ़ोतरी
संकट में हैं नमक रिफाइनरियां
मार्च से शुरू होता है नमक का सीजन
समस्याओं का कारण
नमक व्यापार पर असर
अमरीका-इजराइल-ईरान के बीच हो रहे युद्ध के कारण नमक पैकिंग से लेकर लदान तक कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। राजस्थान और गुजरात का नमक व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और इस स्थिति ने व्यापारियों के लिए नई चुनौतियां पेश की हैं।
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