अंतरराज्यीय तेल चोर गिरोह का भंडाफोड़, CRPF का पूर्व जवान निकला मास्टरमाइंड
समझें क्या है पूरा मामला
- छह राज्यों के 12 बदमाशों ने IOCL का 20 हजार लीटर तेल चुराया।
- टोंक में पाइपलाइन में वाल्व लगाकर की चोरी, विस्फोट का था खतरा।
- 28 साल पहले CRPF से निकाले गया सरगना चला रहा था गिरोह।
- पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया, 3 दिन के रिमांड पर लिया।
- सरगना ने अजमेर और नसीराबाद में भी तेल चोरी करना कबूला।
राजस्थान के टोंक जिले में पुलिस ने राष्ट्रीय ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
यह गिरोह टोंक जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन (SMPL) में वाल्व लगाकर अवैध रूप से कच्चा तेल चोरी कर रहा था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखने वाले 12 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।
28 साल पहले CRPF से निकाला गया था सरगना
एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना मुनेश कुमार उर्फ फौजी है, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है।
मुनेश को साल 1998 में अनुशासनहीनता के चलते सीआरपीएफ (CRPF) से बर्खास्त कर दिया गया था।
इसके बाद वह अपराध की दुनिया में आ गया और उस पर उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में चोरी, मारपीट और पाइपलाइन में सेंधमारी के 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
ऐसे अंजाम देते थे वारदात
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले किसी क्षेत्र में कई दिनों तक रेकी करते थे। इसके बाद स्थानीय मददगारों के जरिए खेत चिन्हित कर रात के अंधेरे में खुदाई करते थे और उपकरणों की मदद से भूमिगत पाइपलाइन में छेद कर 2 इंच का वाल्व और एक्स्ट्रा पाइप जोड़ देते थे।
टोंक के लड़ी गांव के पास चैनेज 525-750 किलोमीटर पर आरोपियों ने 30 फीट लंबा पाइप जोड़कर झाड़ियों के पीछे छिपा रखा था।
IOCL के अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवैध कनेक्शन के जरिए करीब 20,000 लीटर कच्चा तेल चुराया गया। गिरोह ने अजमेर के नसीराबाद और मांगलियावास में भी इसी तरह से तेल चोरी की वारदात कबूल की है।
भीषण विस्फोट और पर्यावरण नुकसान का था खतरा
एएसपी सोलंकी के मुताबिक, यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि बेहद संवेदनशील सुरक्षा अपराध है। पाइपलाइन में अत्यधिक दबाव के कारण यदि बड़ा रिसाव हो जाता, तो आसपास के गांवों में भयानक आग, विस्फोट और गंभीर पर्यावरणीय तबाही मच सकती थी।
पुलिस ने सभी 12 आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। फिलहाल चोरी के तेल को बेचने वाले नेटवर्क, प्रयुक्त वाहनों और उपकरणों की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है।
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