3 मिनट में मौत, सुसाइड दिखाने की कोशिश, जगन हत्याकांड के चौंकाने वाले खुलासे
समझें क्या है पूरा मामला
- जगन हत्याकांड आरोपी ने हत्या को सुसाइड का रूप देने की कोशिश की।
- पंखे पर लटका मिला गमछा, भारी शरीर के कारण नाकाम रही सुसाइड प्लानिंग।
- CCTV पर टूथपेस्ट लगाकर रिकॉर्डिंग से बचने की कोशिश, मुख्य कैमरे से खुलासा।
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा- 3 मिनट में थमी सांस, गर्दन में भारी रक्तस्राव।
- भाई पप्पू अंतिम संस्कार के लिए भारी पुलिस सुरक्षा के बीच धौलपुर रवाना।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या हुई थी। आज उसके पैतृक गांव विभूतिपुरा में अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि आरोपी विष्णु जाट ने हत्या के बाद इसे आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की थी।
जिस गमछे से जगन का गला घोंटा गया, वह बैरक के पंखे पर लटका मिला। हालांकि जगन के भारी-भरकम शरीर के कारण यह प्लान नाकाम रहा। आरोपी ने सेल के अंदर के सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट जैसा पदार्थ पोत दिया था।
पंखे पर लटका गमछा
जेल प्रशासन के अनुसार बैरक का पंखा जमीन से करीब 13 फीट की ऊंचाई पर है। किसी दूसरे व्यक्ति के शव को इतनी ऊंचाई पर उठाकर लटकाना आसान नहीं था। खुद भी कोई व्यक्ति इस ऊंचाई पर आसानी से नहीं लटक सकता।
जगन का शरीर भारी-भरकम था, इसलिए विष्णु जाट उसे 13 फीट ऊंचे पंखे पर नहीं लटका सका और उसका सुसाइड दिखाने का प्लान पूरी तरह विफल हो गया।
CCTV लेंस पर टूथपेस्ट
हाई सिक्योरिटी जेल में कुल 315 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें से 280 चालू हैं। जगन के ब्लॉक का मुख्य कैमरा सही काम कर रहा था। लेकिन उसकी विशेष सेल के अंदर लगे कैमरे के लेंस पर सफेद रंग का टूथपेस्ट जैसा पदार्थ पोत दिया गया था।
इसका मकसद था कि अंदर की फुटेज साफ न आए। हालांकि ब्लॉक के मुख्य कैमरे की फुटेज से साफ हो गया है कि वारदात के वक्त जगन की सेल में विष्णु जाट के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति नहीं गया था।
पहले से कोई रंजिश नहीं, आवेश में हुई हत्या
शुरुआती जांच के मुताबिक दोनों के बीच पहले से कोई रंजिश नहीं थी। जगन द्वारा की गई किसी आपत्तिजनक टिप्पणी से खफा होकर विष्णु जाट ने आवेश में आकर यह कदम उठाया। जांच एजेंसियां अभी इस पहलू की गहन जांच कर रही हैं।
3 मिनट में थमी सांसें
छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अत्यधिक दबाव के कारण घटना के मात्र 3 मिनट के भीतर ही जगन की मृत्यु हो गई।
गर्दन के बीच वाले हिस्से में भारी अंदरूनी रक्तस्राव यानी हेमरेज पाया गया है। सांस की नली यानी ट्रेकिया और भोजन की नली यानी इसोफेगस के आसपास भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं।
मौत के सटीक समय और परिस्थितियों की अंतिम रिपोर्ट एफएसएल (Forensic Science Laboratory) और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच के लिए जगन के नाखूनों के सैंपल भी सुरक्षित रखे गए हैं।
भाई पप्पू को अंतिम संस्कार की अनुमति
जगन गुर्जर की मौत के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार देर रात करीब 1 बजे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अजमेर जेल से धौलपुर के लिए रवाना किया गया। उसे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
जेल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
जो जेल सबसे सुरक्षित मानी जाती है, वहां CCTV से छेड़छाड़ और हत्या जैसी घटना ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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