लखनऊ में 15 मौतों के बाद जागा प्रशासन, दृष्टि और मदर्स कोचिंग सेंटर को नोटिस

Jageshwar prasad | Jun 23, 2026, 14:11 IST
जयपुर प्रशासन ने की इमरजेंसी एग्जिट और फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच
लखनऊ की एक कोचिंग में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर का प्रशासन अलर्ट हो गया है। मंगलवार को नगर निगम और पुलिस की टीम ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक संस्थान सील और दो बड़े कोचिंग सेंटर्स को नोटिस।

समझें क्या है पूरा मामला

  • लखनऊ हादसे के बाद जयपुर में प्रशासन अलर्ट।
  • इमरजेंसी एग्जिट और फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच।
  • एक कोचिंग संस्थान को किया गया पूरी तरह सील।
  • नामचीन दृष्टि और मदर्स कोचिंग सेंटर को नोटिस।
  • कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों पर बड़ी कार्रवाई।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक कोचिंग में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।



जयपुर में पढ़ाई कर रहे हजारों स्टूडेंट्स की सुरक्षा को देखते हुए मंगलवार को एक बड़ा अभियान चलाया गया। जयपुर नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की कड़े स्तर पर जांच की।



इस औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जयपुर के गोपालपुरा बाईपास के पास स्थित प्रसिद्ध दृष्टि कोचिंग सेंटर और मदर्स एजुकेशन हब को फायर सेफ्टी को लेकर नोटिस जारी किया गया है।



इसके साथ ही रिद्धि सिद्धि चौराहे के नजदीक स्थित कृतिका कॉम्पिटिशन एकेडमी को नियमों की अनदेखी करने पर पूरी तरह से सील कर दिया गया है।



सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की सघन जांच

नगर निगम के अधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीमें कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा से जुड़े हर पहलू को बारीकी से देख रही हैं। इस अभियान के तहत भवनों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों (इमरजेंसी एग्जिट) और फायर एनओसी (No Objection Certificate) की विशेष रूप से जांच की जा रही है।



निगम अधिकारियों का कहना है कि जयपुर शहर में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की शॉर्ट सर्किट या आगजनी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए इन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है।



इन मुख्य चीजों की हो रही है जांच

जांच के दौरान प्रशासनिक अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोचिंग भवनों में लगे अग्निशामक उपकरण सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कोई फायर सेफ्टी उपकरण एक्सपायर तो नहीं हो चुका है।



अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा कि इमरजेंसी एग्जिट के रास्ते पूरी तरह खुले और सुगम हैं या नहीं, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे आसानी से बाहर निकल सकें।



इसके अलावा सभी संस्थानों के संचालकों से फायर एनओसी से जुड़े वैध दस्तावेज भी मांगे गए हैं। जिन संस्थानों के पास पुख्ता इंतजाम या कागजात नहीं मिले, उन पर तुरंत कार्रवाई की गई।



आगे भी जारी रहेगा अभियान

जयपुर जिला प्रशासन और नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की औपचारिक जांच तक सीमित नहीं रहने वाला है। आगामी दिनों में भी शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटर्स और ज्यादा भीड़भाड़ वाले कमर्शियल भवनों में यह निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।



इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर का हर एक संस्थान सरकार द्वारा तय किए गए अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करे।



प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में स्टूडेंट्स और कर्मचारियों की जान सुरक्षित रहे।



FAQ

  1. जयपुर में किन-किन प्रमुख कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है?
    सुरक्षा जांच के दौरान गोपालपुरा बाईपास स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर और मदर्स एजुकेशन हब को नोटिस दिया गया है, जबकि कृतिका कॉम्पिटिशन एकेडमी को सील कर दिया गया है।

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