सलमान को वारंट देने वाले जज पर भ्रष्टाचार का आरोप, सरकार ने किया निलंबित
समझें क्या है पूरा मामला
- उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा की न्यायिक शक्तियां निलंबित।
- उन पर 16.50 लाख रुपए उगाही और पद के दुरुपयोग के आरोप।
- सलमान खान को जमानती वारंट जारी कर चर्चा में आए थे।
- अलवर के रिसॉर्ट की सील खुद जाकर खुलवाई थी, हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी।
- पहले भी 2025 में बर्खास्त हुए थे, बाद में हाईकोर्ट से मिली थी राहत।
जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग द्वितीय के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा को निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने उनकी सभी न्यायिक, वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां तत्काल प्रभाव से छीन ली हैं।
उन पर न्यायपालिका के नाम पर 16.50 लाख रुपए की अवैध उगाही का आरोप है। विभाग को उनके खिलाफ लिखित में गंभीर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें काम करने से रोक दिया गया है।
ग्यारसी लाल मीणा पहले भी अपने फैसलों को लेकर काफी विवादों में रहे हैं। उपभोक्ता मामले विभाग ने 19 जून को उनके निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक अब वे किसी मामले की सुनवाई नहीं कर सकेंगे। वे कोई नया आदेश भी नहीं सुना पाएंगे।
उगाही और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
अध्यक्ष के खिलाफ सरकार को एक लिखित शिकायत मिली थी। इस शिकायत में उन पर गंभीर कदाचार के आरोप लगाए गए हैं। उन पर आपराधिक धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का आरोप है। शिकायत में कहा गया कि उन्होंने न्यायपालिका के नाम पर 16.50 लाख रुपए की अवैध उगाही की है।
विभाग के आदेश में कानून के सिद्धांतों का हवाला दिया गया है। आदेश में लिखा है कि न्यायिक पीठ चलाने वाले अधिकारी का आचरण संदेह से परे होना चाहिए। भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के दौरान उन्हें पद पर रखना सही नहीं है। यह सुशासन और निष्पक्ष जांच के नियमों के खिलाफ है।
पहले भी हुए थे बर्खास्त
ग्यारसी लाल मीणा को सरकार ने पहले भी पद से हटाया था। सरकार ने 3 जून 2025 को उन्हें बर्खास्त कर दिया था। तब उन पर प्रशासनिक कदाचार और वित्तीय सीमाओं के उल्लंघन के आरोप लगे थे। इसके बाद वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे।
हाईकोर्ट से उन्हें 26 अगस्त 2025 को स्टे मिल गया था। इस स्टे के बाद वे दोबारा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए थे। अब नई शिकायत मिलने के बाद सरकार ने एक बार फिर उन पर बड़ी कार्रवाई की है।
नियुक्ति के समय भी मचा था बवाल
उनकी नियुक्ति 13 मार्च 2023 को गहलोत सरकार के समय हुई थी। उस समय कांग्रेस लीगल सेल के वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया था। वकीलों का आरोप था कि कांग्रेस सरकार में बीजेपी कार्यकर्ताओं को पद दिए जा रहे हैं।
ग्यारसी लाल मीणा तब बीजेपी एसटी मोर्चे की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे। वे बीजेपी लीगल सेल में भी शामिल थे। उनकी नियुक्ति के बाद बीजेपी नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं।
सलमान खान को जारी किया था वारंट
ग्यारसी लाल मीणा अपने कड़े और अनोखे आदेशों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मार्च 2026 में अभिनेता सलमान खान को जमानती वारंट जारी किया था। यह वारंट राजश्री पान मसाला के विज्ञापन से जुड़े एक मामले में था।
यह सलमान खान को भेजा गया तीसरा वारंट था। उन्होंने वारंट की तामील के लिए डीजीपी को विशेष टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले से वे देश भर की सुर्खियों में आ गए थे।
मैकडॉनल्ड्स और सेलिब्रिटीज को नोटिस
उन्होंने मशहूर रेस्टोरेंट चेन मैकडॉनल्ड्स के एमडी राजीव रंजन को भी नोटिस भेजा था। रेस्टोरेंट में खराब तेल का इस्तेमाल करने की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई थी।
इस मामले में उन्होंने ब्रांड एंबेसडर रहे कलाकारों से भी जवाब मांगा था। अभिनेता रणवीर सिंह और कार्तिक आर्यन को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था।
खुद मौके पर जाकर खोली थी सील
उनका सबसे विवादित फैसला अलवर के एक होटल की सील खोलने का था। यह होटल सरिस्का टाइगर रिजर्व के संवेदनशील बफर जोन में बना हुआ था। यूआईटी अलवर ने इसे सील किया था।
अध्यक्ष ने यूआईटी की इस सील को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया था। वे 13 फरवरी 2026 को खुद मौके पर पहुंचे और होटल की सील खुलवा दी। इस मामले में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बाद में हाईकोर्ट ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल को बुलाकर इस पर जवाब मांगा था।
FAQ
- उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा पर क्या मुख्य आरोप लगे हैं?
उन पर पद का दुरुपयोग करने, आपराधिक धोखाधड़ी और न्यायपालिका के नाम पर 16.50 लाख रुपए की अवैध उगाही करने के गंभीर आरोप लगे हैं। - उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा पहले कब बर्खास्त हुए थे?
सरकार ने उन्हें प्रशासनिक कदाचार के आरोप में 3 जून 2025 को बर्खास्त किया था। बाद में 26 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद वे दोबारा पद पर लौटे थे।
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