मजिस्ट्रेटों के लिए खरीदे 70 एसी, चलाने के लिए बिजली का पूरा लोड ही नहीं

Ashish Bhardwaj | Jun 05, 2026, 12:38 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अदालतों के लिए 70 एयर कंडीशनर आ गए, लेकिन रोचक बात यह है कि इन्हें चलाने के लिए बिल्डिंग में बिजली का लोड ही नहीं है। ऐसे मेंं ये एएसी कोर्ट के गलियारों में पड़े हुए हैं।

News In Short

  • जयपुर में अदालतों के लिए 70 एयर कंडीशनर भेजे गए।
  • ये सभी एसी कोर्ट के गलियारों में धूल फांक रहे हैं।
  • कारण, चलाने के लिए बिल्डिंग में बिजली का पर्याप्त लोड नहीं।
  • अब कोर्ट परिसर में बिजली लोड के लिए नया ट्रांसफार्मर लगेगा।
  • पीडब्ल्यूडी का कहना है कि इस काम में चार से पांच माह लगेंगे।

News In Detail

Jaipur: ​कहते हैं कि सरकारी विभागों में जब कोई काम होता है तो वह अपने पीछे एक नई कहानी छोड़ जाता है। ऐसा ही एक बेहद दिलचस्प मामला गुलाबी नगरी जयपुर से सामने आया है।



जयपुर के कलेक्ट्रेट सर्किल स्थित अदालतों में जजों और मजिस्ट्रेटों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन ने 70 एयर कंडीशनर (AC) तो भेज दिए, लेकिन इसमें ट्विस्ट यह है कि इन्हें चलाने के लिए बिल्डिंग में बिजली का लोड ही नहीं है!



​नतीजा? चमचमाते हुए एसी के डिब्बे कोर्ट परिसरों और गलियारों में धूल फांक रहे हैं और तारीख पर तारीख भुगत रहे हैं। स्थिति यह है कि गोदरेज कंपनी के महंगे एसी के बड़े-बड़े बॉक्स अदालतों के बाहर बंद पड़े हैं।



​बिना प्लानिंग के खरीदे कूलर के बाप

दरअसल, जिला अदालतों में इस बार भीषण गर्मी से राहत देने के लिए हाई कोर्ट प्रशासन ने 70 एसी की खेप भिजवाई थी। लेकिन एसी आने के बाद जब बिजली विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की नींद खुली, तो पता चला कि पूरी बिल्डिंग का इलेक्ट्रिसिटी लोड इतना कम है कि इन नए एसी को चालू करना तो दूर अक्सर चैंबर में पहले से लगे पुराने एसी भी बंद कराने पड़ जाते हैं।



​फिलहाल हालत यह है कि जजों के कोर्ट रूम में छोटे कूलर लगाए गए हैं, जो राजस्थान की इस भीषण और उमस भरी गर्मी में पूरी तरह नाकाफी साबित हो रहे हैं। वकील, फरियादी और खुद मजिस्ट्रेट पसीने से तर-बतर होने को मजबूर हैं।



करंट आने में लगेंगे कई महीने!

रोचक बात यह है कि इस गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए अब जाकर प्रशासनिक फाइलें दौड़ना शुरू हुई हैं। पीडब्ल्यूडी (सार्वजनिक निर्माण विभाग) ने इसके लिए 50 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है।



इस बजट से ​बिल्डिंग के लिए एक बिल्कुल नया भारी-भरकम ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। ​पूरी बिल्डिंग में नए सिरे से अलग और हैवी वायरिंग की जाएगी।


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विभाग के एक्सईएन (XEN) प्रदीप शर्मा का कहना है कि चूंकि अदालत की यह बिल्डिंग काफी पुरानी है। दिन के समय यहां फरियादियों और वकीलों की भारी भीड़ रहती है, इसलिए काम बहुत धीमी गति से होगा। पूरी वायरिंग बदलने और नया ट्रांसफार्मर चालू करने में कम से कम 4 से 5 महीने का समय लग सकता है।



​जनता बोली- जब तक करंट आएगा, तब तक तो सर्दी आ जाएगी

इस पूरी अव्यवस्था को देखकर कोर्ट परिसर में आने वाले लोग और वकील चुटकियाँ ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक टेंडर पूरा होगा, नया ट्रांसफार्मर लगेगा और इन 70 एसी को बिजली का करंट मिलेगा, तब तक तो यह झुलसाने वाली गर्मी खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी।



गुलाबी ठंड की दस्तक हो जाएगी। यानी इस सीजन में तो मजिस्ट्रेट साहब और जनता को कोर्ट रूम में पसीना बहाना ही पड़ेगा।



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