अपराधी चला रहा था अवैध पटाखा फैक्ट्री, धमाके में हुई थी 8 की मौत
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री कय्यूम और उसके भाई याकूब के नाम पर।
- कय्यूम पर 1996 से लेकर 2024 तक कई आपराधिक मामले है दर्ज ।
- पांच फैक्ट्रियों के लिए बारूद दिल्ली और तमिलनाडु से मंगाया जाता था।
- फैक्ट्री में आगजनी और विस्फोट में आठ लोगों की हुई थी मौत।
- आरोपी अभी भी अपने भाई संग फरार, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
Jaipur: राजस्थान में जयपुर के खो-नागोरियान में जिस अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ, उसे कय्यूम और याकूब नाम के दो भाई बिना किसी लाइसेंस के चला रहे थे। कय्यूम पर रेप समेत 6 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज थे। हादसे में 8 लोगों की जान चली गई।
कौन है कय्यूम, क्यों है चर्चा में
खो-नागोरियान की यह पटाखा फैक्ट्री कय्यूम और उसके भाई याकूब के नाम पर थी। दोनों इसे पूरी तरह अवैध तरीके से चला रहे थे। पड़ताल में सामने आया कि याकूब पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है, लेकिन कय्यूम आदतन अपराधी है।
कय्यूम पर पहला मुकदमा 1996 में मालवीय नगर थाने में मारपीट का दर्ज हुआ था। 1997 में उसी थाने में मारपीट, रोकने और जानलेवा हमले की कोशिश के आरोप में फिर मुकदमा हुआ। 2002 में दौसा के महुआ में आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज हुआ।
2008 में मालवीय नगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ। 2013 में ज्योतिनगर थाने में बलात्कार का मामला सामने आया। सबसे ताजा मुकदमा 2024 में खो-नागोरियान थाने में मारपीट का है।
5 फैक्ट्रियां, दिल्ली तक फैला नेटवर्क
जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई। कय्यूम सिर्फ एक नहीं, बल्कि जयपुर में पांच अलग-अलग जगहों पर अवैध पटाखे बना रहा था। इन फैक्ट्रियों के लिए बारूद दिल्ली और तमिलनाडु से अवैध तरीके से मंगाया जाता था।
तैयार पटाखे जयपुर से बाहर दिल्ली और दूसरे राज्यों में सप्लाई किए जाते थे। जयपुर में खुद बेचने से बचता था। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित था।
फिरोज भी है नामजद
खो-नागोरियान थाने में दर्ज मुकदमे में फिरोज नाम का एक और शख्स नामजद है। वह दिल्ली से आकर यहां फैक्ट्री चला रहा था। अभी वह भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
आठ की मौत, दो की पहचान देर से हुई
इस हादसे में कुल आठ लोगों की जान गई। बुधवार को दो और शवों की पहचान हुई। एक गाजियाबाद के नासिर और दूसरा दिल्ली के रेहान की पहचान की गई। ये दोनों धमाके के वक्त फैक्ट्री के अंदर ही काम कर रहे थे।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। बाकी छह मृतकों के नाम समीर, आजिम, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ हैं। इनमें से कई बाहर के राज्यों से काम करने आए थे।
दोनों भाई अभी तक फरार
मुकदमा दर्ज होने के बाद से कय्यूम और याकूब दोनों फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। फिरोज की भी तलाश जारी है। तीनों आरोपियों में से अभी तक कोई गिरफ्त में नहीं आया है।
FAQ
- जयपुर के खो-नागोरियान पटाखा धमाके में कितने लोग मरे?
इस हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई। इनमें जयपुर, गाजियाबाद और दिल्ली के मजदूर शामिल थे। सभी धमाके के वक्त फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे। - अवैध पटाखा फैक्ट्री के आरोपी कय्यूम पर कितने मुकदमे दर्ज हैं?
कय्यूम पर 1996 से 2024 के बीच रेप समेत कुल 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह मारपीट, धोखाधड़ी और आबकारी उल्लंघन में भी आरोपी रहा है। धमाके के बाद वह भाई याकूब के साथ फरार है। - अवैध पटाखा फैक्ट्री में बारूद कहां से आता था?
जांच में पता चला कि दिल्ली और तमिलनाडु से अवैध बारूद मंगाया जाता था। जयपुर में 5 अलग-अलग जगहों पर पटाखे बनाए जाते थे। तैयार पटाखे दिल्ली और दूसरे राज्यों में सप्लाई होते थे।
ये खबर भी पढे़:-
आखिर जागा प्रशासन, बिना फायर सेफ्टी सिस्टम वाली 179 संस्थानों को दिए नोटिस
राज्यसभा के लिए तीनों निर्विरोध चुने गए, अब राजस्थान में भाजपा -कांग्रेस बराबर
ट्रस्ट विवाद बना महंत देवानंद की हत्या का कारण, एक गिरफ्तार
कोडवर्ड, गुप्त तहखाना और करोड़ों की अफीम, ANTF ने किया पर्दाफाश